यूपी: अपनी ही सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे भाजपा विधायक, विपक्ष भी समर्थन में
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया। लोनी (गाजियाबाद) केे विधायक नंद किशोर गुर्जर के उत्पीड़न के विरोध में भाजपा के सौ से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना दिया।
इस मुद्दे पर नंद किशोर को सदन में बोलने का मौका नहीं दिया गया तो भाजपा विधायक उनके समर्थन में अपनी सीटों पर खड़े हो गए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कार्यवाही बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्षी दलों ने भी नंद किशोर का पक्ष सुनने का आग्रह किया।
इस मुद्दे पर सपा सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी भी की और सदन का बहिर्गमन किया। विधायक गुर्जर ने सदन में कई बार खड़े होकर अपने उत्पीड़न का मामला उठाना चाहा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। तब सपा सदस्य बहिर्गमन कर गए तो नंद किशोर भी लॉबी में चले गए।
नंद किशोर गुर्जर 1.45 बजे फिर सदन में आए। सत्ता पक्ष के अधिकतर विधायक उनके पक्ष में खड़े हो गए। इस पर विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आधा घंटा स्थगित कर दी। सपा सदस्यों के साथ जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के रघुराजप्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी उनके समर्थन में वेल में पहुंच गए।
2.45 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो नंद किशोर के पक्ष में सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्य अपनी सीट पर खड़े हो गए। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने कार्यवाही बुधवार सवेरे 11 तक के लिए स्थगित कर दी।
घटनाक्रम के दौरान मौजूद नहीं थे सीएम योगी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- विधायक की बात सुनें, विस अध्यक्ष ने कहा- नोटिस नहीं मिला
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि विधायक प्रताड़ित हैं, उनका अपमान हुआ है। उनकी बात सुन ली जाए। अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि उनका नोटिस नहीं मिला है। रामगोविंद ने कहा कि विधायक के निजी मामले में नोटिस की जरूरत नहीं है। विधानसभा का इतिहास है कि जब भी विधायक की प्रतिष्ठा का मामला आया है, उनकी बात सुनी गई है।
खन्ना ने बैठने को कहा तो चौधरी बोले- अपने ही विधायक की आवाज दबा रहा सत्ता पक्ष
इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विधायक से बैठने के लिए कहा। रामगोविंद ने कहा कि सत्ता पक्ष अपने ही विधायक की आवाज दबा रहा है। विधायक की बात नहीं सुनी जाने पर सपा सदस्य वेल में आ गए। नेता प्रतिपक्ष ने अध्यक्ष से फिर आग्रह किया कि सदस्य को संरक्षण दिया जाए। विधायक की बात नहीं सुनी गई को सपा सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
दिनभर हंगामे के बाद नंद किशोर ने रात में सीएम योगी से उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी पीड़ा बयां की। उन्होंने भाजपा के दो-तीन स्थानीय नेताओं व एक पुलिस अधिकारी पर साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से भी मुलाकात की।
अध्यक्ष के आश्वासन पर धरना खत्म
नंद किशोर के समर्थन में आए कई भाजपा विधायक
सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर नंदकिशोर के समर्थन में भाजपा समेत अन्य दलों के कई विधायकों ने सदन से बाहर जाने से इन्कार कर दिया। कहा- जब तक विधायक की बात नहीं सुनी जाएगी, वे धरना देंगे।
उनके समर्थन में सपा विधायक भी मंडप में ही जमे रहे। संसदीय कार्य मंत्री खन्ना, मंत्री सुरेश राणा, लक्ष्मीनारायण समेत कई मंत्री उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन विधायक कप्तान व डीएम समेत गाजियाबाद के अफसरों को सदन में तलब करने की मांग पर अड़े रहे।
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा विरोध कर रहे 10-12 विधायकों को लेकर विस अध्यक्ष से बातचीत की। नंद किशोर ने कहा कि अध्यक्ष ने गाजियाबाद के अफसरों को तलब कर उनका पक्ष जानने के बाद बुधवार को 11 बजे तक कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इसके बाद शाम छह बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
बंधक बनाने से लेकर मारपीट तक की आशंकाएं
नंदकिशोर जब सदन से निकलकर लॉबी में चले गए तो बसपा विधायक लालजी वर्मा ने कहा कि उन्हें लॉबी में बंधक बना लिया गया है। रामगोविंद ने अंदेशा जताई कि लॉबी में मारपीट तो नहीं हु
यह है मामला
गाजियाबाद के लोनी थाना में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह ने विधायक नंद किशोर गुर्जर व 10 अन्य लोगों पर 27 नवंबर मारपीट का केस दर्ज कराया था। विधायक के दो समर्थक गिरफ्तार हो चुके हैं। विधायक का दावा है कि उसी दिन आशुतोष का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
उन्होंने आशुतोष को बुलाकर कहा था कि यह क्षेत्र हिंडन एयरपोर्ट से मात्र एक किमी के दायरे में है, इसलिए मांस की दुकान, होटल व स्लॉटर हाउस नहीं खुल सकता है। मांस के ढेर पर उड़ते पक्षियों से टकराकर वायु सेना का मिग विमान गिर चुका है।
इस पर आशुतोष ने कहा कि वह जो चाहेेंगे, वह होगा। उन्हें एक चौकी इचार्ज ने बताया कि आशुतोष एसपी देहात के रिश्तेदार हैं। उन्हीं के कहने पर केस दर्ज किया गया है। नंद किशोर इस मामले में सीएम को तीन पत्र लिख चुके हैं।