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बीजेपी एमएलए खब्बू तिवारी ने तीन विधानसभा चुनावों में छिपाया आपराधिक मामला, जा सकती है विधायकी

Fri, 31 Aug 2018 03:06 PM IST
न्यूज डेस्क, लखनऊ
न्यूज डेस्क, लखनऊ Updated Fri, 31 Aug 2018 03:06 PM IST
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BJP MLA hide information during UP vidhansabha election
खब्बू तिवारी
फैजाबाद के गोसाईगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चुनाव में दिए हलफनामे में लूट के एक मामले की जानकारी न देने पर उनका निर्वाचन तक रद्द हो सकता है। खब्बू ने 2007 से लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव क्रमश: सपा, बसपा और भाजपा लड़ा मगर सभी हलफनामों में उनके खिलाफ जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाने में दर्ज जीप लूट की घटना का जिक्र नहीं किया।    
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अपना दल के कोटे से यहां पिछले विधानसभा चुनाव में दबंग छवि के नेता खब्बू तिवारी और सपा के बाहुबली विधायक अभय सिंह के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। खब्बू चुनाव जीते और उनका बरसों पुराना यह संकल्प भी पूरा हुआ कि विधायक बनेंगे, तभी शादी करेंगे। हाल में धूमधाम से विधायक की शादी भी हुई, मगर जौनपुर और हाईकोर्ट इलाहाबाद से आई ताजा खबर उन्हें परेशानी में डालने वाली है। यहां पूरे दिन उनके समर्थक मायूस नजर आए जबकि विरोधी खेमा निर्वाचन आयोग, भारत सरकार तक अपील की रणनीति बनाने में जुटा रहा।
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गोसाईंगंज सीट से खब्बू तिवारी ने 2007 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हार के बाद अगले 2012 के विधान सभा में बसपा का दामन थाम लिया, मगर सफलता नहीं मिली। इस बार वे अपना दल के कोटे से कमल के चुनाव निशान पर मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। तीनों चुनावों के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में उन्होंने जीप चालक मोहम्मद जुनैद की तहरीर पर जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाने में उसके वाहन को लूट कर भागने को लेकर दर्ज मुकदमे का जिक्र नहीं किया। बताते हैं सूमो जीप का मालिक प्रतापगढ़ निवासी है, जिसे जुनैद चला रहा था। 
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यह था पूरा मामला

BJP MLA hide information during UP vidhansabha election
खब्बू तिवारी की शादी की फोटो (फाइल) - फोटो : amar ujala
मोहम्मद जुनैद ने उच्च न्यायालय में अपील कर आरोप लगाया है कि गोसाईगंज के भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी विधायक चुने जाने से पहले वर्ष 1997 में सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में  जीप लूट की घटना में आरोपी हैं। घटना के वक्त वही गाड़ी चला रहा था। तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। लूट की घटना के बाद सोनभद्र के पिपरी थाने में खब्बू तिवारी व अन्य ने एक पीसीओ कर्मचारी की हत्या की घटना को अंजाम दिया, जहां से भागते समय पुलिस ने जीप बरामद की थी। यहीं नहीं इसी बीच दिनांक 27 जनवरी 2016 को जौनपुर कोर्ट से कुछ लोग गाड़ी लूट मामले की फाइल छीनकर फरार हो गए। इसकी रिपोर्ट थाना लाइन बाजार में दर्ज कराई गई थी। 

अपील में आरोप लगाया गया कि इस फाइल के गायब होने का फायदा भाजपा विधायक को मिल रहा था, आरोपी खब्बू तिवारी 2017 के चुनाव में विधायक चुने गए, चुनाव आयोग को दिए गए अपने शपथ पत्र में उन्होंने मुकदमे का कोई जिक्र नहीं किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति ने जौनपुर के पुलिस अधीक्षक को शपथ पत्र के साथ 31 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है।       

मैंने 27 मुकदमे दिखाए हैं, तो एक क्यों छिपाता : खब्बू   

गोसाईगंज से भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी ने कहा कि 1997 में जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाने से संबंधित लूट के जिस मामले में उनके नाम का जिक्र किया जा रहा है, उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। 20 साल हो गए, न कभी वारंट आया न मुझे तलब किया गया। वास्तव में मेरा नाम होता तो अब तक हाजिर न होने पर कुर्की तक की कार्यवाही हो जाती।

तिवारी ने कहा कि मैंने तीन विधानसभा चुनावों में अपराध का पूरा ब्यौरा हलफनामा में दिया है। जैसे 27 मुकदमों का उल्लेख किया है, वैसे ही एक और बढ़ जाता तो क्या होता। विरोधी अफवाह फैला रहे हैं, यदि मेरा नाम केस में था तो पुलिस व कोर्ट को कार्रवाई करनी चाहिए थी, मुझे नियमानुसार बताया जाना चाहिए था।        

 चुनावी हलफनामे में सूचनाएं छिपाना गंभीर मामला
विधानसभा निर्वाचन के दौरान हलफनामे में सूचनाएं छिपाना गंभीर मामला होता है। ऐसे मामलों में अपील होने पर सुनवाई का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग के पास है, आरोप सही पाए जाने पर निर्वाचन रद्द होने का प्राविधान है। जिला निर्वाचन कार्यालय में पंचस्थानीय चुनाव के ही विवाद आते हैं, जिसे संबंधित रिटर्निंग अफसर गुण-दोष के आधार पर निस्तारित करते हैं। - मदनचंद दूबे, उपजिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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