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भाजपा बैठक: बीएल संतोष बोले- ओबीसी-दलित वोटरों को वापस लाने में जुटे पार्टी, उपचुनावों पर करें फोकस

Mon, 08 Jul 2024 11:23 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 08 Jul 2024 11:23 AM IST
सार

BJP meeting: पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री ने ओबीसी व दलित नेताओं के साथ बैठक करके फीडबैक लिया। उन्होंने नेताओं से उन वजहों को जानने की कोशिश की जिनके चलते यूपी में पार्टी की हार हुई।

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BJP meeting: BL Santosh said - Party is busy in bringing back OBC-Dalit voters, focus on by-elections
लखनऊ पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के लोकसभा चुनाव में ओबीसी और दलित वोट बैंक के खिसकने की कसक भाजपा नेताओं को भीतर तक हिला कर रख दिया है। इसलिए पार्टी के सजातीय मंत्रियों और पदाधिकारियों को अब इस वोट बैंक को वापस भाजपा की तरफ लाने का टास्क दिया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने रविवार को सरकार में दलित मंत्रियों के साथ ही अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने दलित नेताओं से लोकसभा चुनाव में हुए नुकसान की वजह भी जानी। बीएल संतोष ने नेताओं से दलितों और ओबीसी के बीच संवाद और पैठ बढ़ाने के निर्देश दिए।

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पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में अपने दूसरे दिन की बैठक में दलित मंत्री और नेताओं ने भी बीएल संतोष के सामने दलितों और ओबीसी समाज में भाजपा को लेकर नाराजगी की वजहें गिनाई। सूत्रों की माने तो कई मंत्रियों और नेताओं रोजगार के मुद्दों के अलावा पार्टी में जातीय कार्यकर्ताओं को तवज्जों न मिलना एक बड़ा कारण है। कुछ लोगों ने कहा कि दलित अधिकारियों को थानेदारों और तहसीलदारों की नौकरियां तो मिलती हैं लेकिन उन्हें पोस्टिंग में दरकिनार रखा जाता है। पार्टी नेताओं ने आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रेक्ट की नौकरी में दलित-ओबीसी समाज के लिए आरक्षण नहीं होने को राज्य में पार्टी की हार की बड़ी वजह बताया है।
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बैठक में कई नेताओं ने हार की अलग-अलग वजहें बताईं। वहीं, बीएल संतोष ने भी पार्टी नेताओं से पूछा कि आखिर सरकार के बेहतर काम के बावजूद लोकसबा चुनाव आश्चर्यजनक तरीके से पहली बार बसपा से कट कर दलित वोट सपा और कांग्रेस की ओर चला गया, ऐसा आखिर क्यों हुआ ? इस पर दलित नेताओं ने पार्टी में दलित नेतृत्व को आगे न बढ़ाने की बात रखी। बैठक में अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कन्नौजिया के अलावा सभी दलित मंत्री भी मौजूद रहे। इनमें बेबी रानी मौर्या, असीम अरुण, गुलाब देबी, विजयलक्ष्मी गौतम, दिनेश खटिक, सुरेश राही समेत कई नेता शामिल हैं।
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दलित व ओबीसी के बीच बढ़ाए संवाद
बैठक में नेताओं से फीडबैक लेने के बाद बीएल संतोष ने सभी नेताओं को दलित और ओबीसी के बीच संवाद और पैठ बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विजय अभियान को रोकने के लिए दोनों समुदाय के बीच निरंतर अपनी मौजूदगी रखे। उन्होंने पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जुटने और लोकसभा चुनाव में जो भी कमियां रह गई हैं, उनको दूर करने को कहा।


10 विस के उप चुनाव पर रखें खास फोकस
बैठक में बीएल संतोष ने दलित व ओबीसी नेताओं को फिलहाल 10 विधानसभा के लिए होने वाले उप चुनाव पर फोकस करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर सभी 10 सीटों पर चुनाव जीतने की कोशिश में जुटें। उन्होंने नेताओं को आपसी मतभेद भूलकर हर सीट जीतने की रणनीति बनाकर काम करने को कहा।

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