बागी तेवरों के चलते भाजपा ने आईपी सिंह को पार्टी से निकाला, बोले- सच कहना अब जुर्म
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का समर्थन करने व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करने पर भाजपा ने आईपी सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
आईपी सिंह ने रविवार को आजगढ से अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने का समर्थन करते हुए अपने घर को चुनाव कार्यालय के रूप में प्रयोग करने की पेशकश की थी।
उन्होंने सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करते हुए उन्हें प्रचारमंत्री बताया। आईपी ने ट्वीट किया कि हमने ‘प्रधानमंत्री’ चुना था या ‘प्रचारमंत्री’? अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से देश का प्रधानमंत्री क्या टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है? भाजपा वो पार्टी रही है जिसने अपने विचारों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। मिस कॉल देकर और टी-शर्ट पहन कर ‘कार्यकर्ताओं’ की खेती असंभव है।
उनके इन्हीं पार्टी विरोधी तेवरों को देखते हुए उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, उन्होंने पार्टी से निकाले जाने पर ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी।
अभी मीडिया के मित्रों से ख़बर मिली की भारतीय जनता पार्टी ने मुझे छः वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। वही पार्टी जिसे मैंने अपने जीवन के तीन दशक दिए, एक धरतीपकड़ कार्यकर्ता की तरह जन सरोकार की राजनीति की, ढह चुके आंतरिक लोकतंत्र के बीच ‘सच बोलना’ जुर्म हो चुका है।
— उसूलदार IP Singh (@ipsinghbjp) March 25, 2019
आंख पर पट्टी बांध कर चौकीदारी नहीं कर सकता
माफ़ कीजिएगा @narendramodi जी, अपनी आँख पर पट्टी बाँध कर आपके लिए ‘चौकीदारी’ नहीं कर सका।
— उसूलदार IP Singh (@ipsinghbjp) March 25, 2019
मैं अटल जी के साथ पैदल चला, आडवाणी जी के साथ यात्रा में आगे खड़ा रहा, लक्ष्मीकांत जी के साथ पार्टी के लिए सैकड़ों बार अनशन पर बैठा, मेरा पूरा राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा रहा और यह संघर्ष आजीवन चलेगा।आज पार्टी को मुझ जैसे ‘कार्यकर्ता’ की नहीं सुनील बंसल जैसे ‘मैनेजर’ की ज़रूरत है।
— उसूलदार IP Singh (@ipsinghbjp) March 25, 2019