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लखनऊ विश्वविद्यालय में अब शिक्षकों सहित सभी कर्मचारियों को लगानी होगी बायोमीट्रिक हाजिरी
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। अगस्त से ही सभी को बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। विवि प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार अगस्त से वेतन बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही दिया जाएगा। लविवि ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
कुलसचिव संजय मेधावी ने मंगलवार को ही पदभार ग्रहण किया और बुधवार को सभी शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी रोजाना समय से उपस्थित होकर बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराएं। गौरतलब है कि राज्यपाल ने बायोमीट्रिक से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया था। तभी से विश्वविद्यालय में इसको लेकर कवायद शुरू हो गई थी। हालांकि ,बीच में शिक्षकों ने इसको लेकर आपत्ति भी दर्ज की थी, लेकिन लविवि प्रशासन ने राज्यपाल के आदेश पर इसे लागू करने की पूरी व्यवस्था कर ली। लविवि प्रशासन ने नैक टीम के दौरे से पहले हर विभाग में बायोमीट्रिक मशीन स्थापित कर दी थी। कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद से अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। बुधवार शाम को आदेश जारी होने पर शिक्षकों और कर्मचारियों में इसको लेकर खलबली भी मच गई। हालांकि, अब कोई भी खुले तौर पर इसका विरोध नहीं कर पा रहा है।
वेतन केवल बायोमीट्रिक उपस्थिति से
कुलसचिव संजय मेधावी ने अपने आदेश में साफ किया है कि अगस्त से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा। लविवि में करीब 1800 शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें करीब 700 शिक्षक हैं। परमानेंट व नॉन परमानेंट दोनों स्तर के स्टाफ को बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है। उसी के अनुसार उन्हें उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
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कुलसचिव संजय मेधावी ने मंगलवार को ही पदभार ग्रहण किया और बुधवार को सभी शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी रोजाना समय से उपस्थित होकर बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराएं। गौरतलब है कि राज्यपाल ने बायोमीट्रिक से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया था। तभी से विश्वविद्यालय में इसको लेकर कवायद शुरू हो गई थी। हालांकि ,बीच में शिक्षकों ने इसको लेकर आपत्ति भी दर्ज की थी, लेकिन लविवि प्रशासन ने राज्यपाल के आदेश पर इसे लागू करने की पूरी व्यवस्था कर ली। लविवि प्रशासन ने नैक टीम के दौरे से पहले हर विभाग में बायोमीट्रिक मशीन स्थापित कर दी थी। कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद से अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। बुधवार शाम को आदेश जारी होने पर शिक्षकों और कर्मचारियों में इसको लेकर खलबली भी मच गई। हालांकि, अब कोई भी खुले तौर पर इसका विरोध नहीं कर पा रहा है।
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वेतन केवल बायोमीट्रिक उपस्थिति से
कुलसचिव संजय मेधावी ने अपने आदेश में साफ किया है कि अगस्त से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा। लविवि में करीब 1800 शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें करीब 700 शिक्षक हैं। परमानेंट व नॉन परमानेंट दोनों स्तर के स्टाफ को बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है। उसी के अनुसार उन्हें उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
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