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चायनीज मांझे से बाइक सवार लहुलूहान, तड़पता रहा लेकिन राहगीर बने रहे तमाशबीन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 28 Feb 2018 03:29 PM IST
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अस्पताल में भर्ती अशोक
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के मॉल एवेन्यू ओवरब्रिज पर मंगलवार दोपहर चायनीज मांझे की चपेट में आकर बाइक सवार लहूलुहान हो गया। मांझे से उसकी नाक का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह से कट गया। पुल के बीच बाइक सवार खून से लथपथ खड़ा मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन राहगीर तमाशबीन बने रहे।
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उधर से गुजर रहे सैन्यकर्मी केएस बेहरा और अधिवक्ता शालिनी गुप्ता बाइक सवार को सिविल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे छह टांके लगाए। सैन्यकर्मी केएस बेहरा ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे वह पत्नी व बच्चे को लेकर कैंट स्थित आवास जा रहे थे तभी मॉल एवेन्यू ओवरब्रिज पर भीड़ देखी।
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बाइक रोककर मौके पर पहुंचे तो खून से लथपथ बाइक सवार पड़ा था। उनकी नाक व माथे के बीच चायनीज मांझे से गहरा कट लगा था और खून बह रहा था। बाइक सवार ने अपना नाम अशोक (40) बताया। सैन्यकर्मी ने मदद की अपील की, लेकिन किसी ने हाथ तक नहीं लगाया।
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इस दौरान वहां मुंशी पुलिया, इंदिरानगर की राजीवनगर निवासी अधिवक्ता शालिनी गुप्ता गुजरीं। भीड़ देखकर वह भी रुक गईं व सैन्यकर्मी के साथ मिलकर अशोक को गाड़ी में बैठाया और सिविल की इमरजेंसी ले गईं। अशोक के मोबाइल से परिवारीजनों को सूचना दी गई। चिकित्सकों का कहना था कि अशोक की दोनों आंखें बाल-बाल बच गईं। मांझा जरा नीचे की तरफ होता तो उनकी गर्दन भी कट सकती थी। सिविल अस्पताल आईं पत्नी अशोक की हालत देखकर रो पड़ीं।
जरा सी देर और होती तो हो जाती मुश्किल
अगर अशोक को अस्पताल लाने में जरा सी देर और हो जाती तो उनकी जान भी जा सकती थी। चिकित्सकों का कहना था कि उनके शरीर से काफी खून बह गया था। उधर, सैन्यकर्मी केएस बेहरा और अधिवक्ता शालिनी गुप्ता का कहना है कि अशोक करीब दस मिनट तक मदद मांगते रहे, लेकिन किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया।
दोनों ने राहगीरों से उन्हें अस्पताल ले चलने को कहा तो वे वाहन लेकर चल दिए। अस्पताल में अशोक की पत्नी ने सैन्यकर्मी व अधिवक्ता को धन्यवाद दिया। चायनीज मांझे ने वीमेन पावर लाइन 1090 में तैनात सिपाही सत्यवीर सचान का मुंह भी चीर दिया। अशोक के अस्पताल पहुंचने के साथ सत्यवीर सचान भी वहां आ गए।
उन्होंने बताया कि वह बाइक से लामार्टीनियर स्कूल से जियामऊ के भीतर होते हुए ऑफिस जा रहे थे। अचानक मांझा उनके ऊपर गिरा। चेहरा बचाने की कोशिश में बायीं तरफ झटका दिया तो मांझे ने मुंह चीर दिया। लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां दो टांके लगाए गए। सत्यवीर का कहना था कि मांझे से उनके पीछे आ रहा बाइक सवार युवक भी लहूलुहान हो गया था।
जियामऊ के पतंगबाजों ने मंगलवार दोपहर आसपास के इलाके में चायनीज मांझे से खूब कहर बरपाया। दोपहर करीब एक बजे मॉल एवेन्यू पुल व जियामऊ के भीतर से होते हुए वीमेन पावर लाइन के पीछे वाली सड़क तक कई लोग मांझे से लहूलुहान हुए तो कई बाल-बाल बचे। 1090 के सिपाही सत्यवीर सचान ने चायनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे एक किशोर को पकड़ भी लिया और मांझा जब्त कर लिया। परिवारीजनों के माफी मांगने व किशोर के रोने पर चेतावनी देते हुए छोड़ दिया।
दोनों ने राहगीरों से उन्हें अस्पताल ले चलने को कहा तो वे वाहन लेकर चल दिए। अस्पताल में अशोक की पत्नी ने सैन्यकर्मी व अधिवक्ता को धन्यवाद दिया। चायनीज मांझे ने वीमेन पावर लाइन 1090 में तैनात सिपाही सत्यवीर सचान का मुंह भी चीर दिया। अशोक के अस्पताल पहुंचने के साथ सत्यवीर सचान भी वहां आ गए।
उन्होंने बताया कि वह बाइक से लामार्टीनियर स्कूल से जियामऊ के भीतर होते हुए ऑफिस जा रहे थे। अचानक मांझा उनके ऊपर गिरा। चेहरा बचाने की कोशिश में बायीं तरफ झटका दिया तो मांझे ने मुंह चीर दिया। लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां दो टांके लगाए गए। सत्यवीर का कहना था कि मांझे से उनके पीछे आ रहा बाइक सवार युवक भी लहूलुहान हो गया था।
जियामऊ के पतंगबाजों ने मंगलवार दोपहर आसपास के इलाके में चायनीज मांझे से खूब कहर बरपाया। दोपहर करीब एक बजे मॉल एवेन्यू पुल व जियामऊ के भीतर से होते हुए वीमेन पावर लाइन के पीछे वाली सड़क तक कई लोग मांझे से लहूलुहान हुए तो कई बाल-बाल बचे। 1090 के सिपाही सत्यवीर सचान ने चायनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे एक किशोर को पकड़ भी लिया और मांझा जब्त कर लिया। परिवारीजनों के माफी मांगने व किशोर के रोने पर चेतावनी देते हुए छोड़ दिया।