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राहुल गायब, खून के आंसू रो रहे अमेठी के बेसहारा किसान!

Tue, 07 Apr 2015 12:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गौरीगंज/अमेठी।
ब्यूरो/अमर उजाला, गौरीगंज/अमेठी। Updated Tue, 07 Apr 2015 12:47 PM IST
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Big lose of farmers in Amethi.

बारिश और ओले से अमेठी में बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुईं। रिपोर्ट तैयार हुई। सवाल उठे तो प्रशासन कह रहा है कि पहले चरण में उनका ही सर्वे किया गया जिनकी 50 फीसदी से ज्यादा फसल बर्बाद हुई। इस सर्वे में सामने आया कि 950.324 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। पर इन्हें भी अब तक प्रशासन सरकारी इमदाद नहीं पहुंचा पाया।

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सवाल उठने पर जिला प्रशासन कहता है, हमने शासन से दो करोड़ दो लाख रुपये मांगे थे। पर मिला 80 लाख 82 हजार रुपये। अब किसानों की बात। पांच-पांच बीघे फसल चौपट हो गई। उनको मुआवजे के नाम पर मिला 3,420 रुपये। यह हाल है सिस्टम का।
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प्रशासन की नजर में सिर्फ 45 गांवों में हुआ नुकसान

बारिश व ओले से जिले में भले ही भारी तबाही हुई हो लेकिन प्रशासनिक रिपोर्ट में सिर्फ 45 गांव ही इससे प्रभावित हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक तिलोई में कूरा, असनी, मुर्तजापुर, जमुरवा, लीही, ढोढनपुर, तोरड़पुर व अहुरी, अमेठी में अम्मरपुर, चक्रधरपुर, तारापुर, मड़ौली, बदलापुर, शुकुलपुर, वर्तली, सोनी कनूं, बेलखरी, उत्तरगांव, राजापुर अमेरुआ, जरौटा, डेहरा, सरैया बड़गांव, कोहरा, परसौली, जागीपट्टी, महसो, ज्ञानचंद्रपुर, दलशाहपुर, भरथीपुर, बरियापुर व मंगलपुर गांव में फसलों को नुकसान हुआ है।
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इसी तरह मुसाफिरखाना के इटरौर, हसनपुर जोराई, लोसनपुर, बाबूपुर सरैया, हसवनपुर, शेखपुर, खुन्नपुर व सिधियावां, गौरीगंज में बसंतपुर, लखनापुर, अचलपुर, अहद, गनेशदेई व दुलापुर में ही फसलें नष्ट हुई हैं।

सर्वे रिपोर्ट पर कर रहे हैं खिलवाड़

Big lose of farmers in Amethi.

पहले मन की आंखों से बर्बादी की रिपोर्ट तैयार करा दी। बता दिया कि 950.324 हेक्टेयर में फसल बर्बाद हुई है। सवाल उठने थे। उठे भी। जब चौतरफा से होने लगा कि कौन किया सर्वे, कहां किया, तब प्रशासन कह रहा है कि अब 25 से 50 फीसदी नुकसान वालों का सर्वे कराया जा रहा है।

प्रशासन कह रहा है कि एसडीएम और तहसीलदार संबंधित इलाकों के लेखपालों के जरिये फसलों का स्थलीय सत्यापन करने में जुटे हैं। दावा तो यह भी है कि रिपोर्ट आते ही मुआवजा बांट दिया जाएगा।

फिर भी दिख नहीं रहे लेखपाल
प्रशासन 25 से 50 फीसदी नुकसान वालों का सर्वे किए जाने की बात कह रहा है पर चाहे जिस गांव में जाइए, एक ही बात सुनने को मिलेगी-कोई नहीं आया अब तक सर्वे करने। आखिर किसानों को लेखपाल दिख नहीं रहे तो कहां हो रहा है सर्वे?

इमदाद पर भी किसान नाखुश

Big lose of farmers in Amethi.

बहरहाल प्रशासन का दावा है कि 25 से 31 मार्च तक 1,713 किसानों को 83 लाख दो हजार 191 रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। मुआवजा पाने वालों में तिलोई के 815, गौरीगंज के 181, अमेठी के 254 व मुसाफिरखाना के 463 किसान शामिल हैं।

संग्रामपुर ब्लॉक के सरैया बड़गांव निवासी कन्हैया बख्श सिंह बताते हैं कि ओले से उनकी करीब पांच बीघा फसल बर्बाद हो गई। मुआवजे में महज 3,420 रुपये मिले। जुताई, सिंचाई, खाद, बीज सब जोड़ लीजिए, इसका कई गुना पैसा खर्च हो गया। आखिर इस इमदाद का फायदा क्या?

सरकार की मंशा पर फेर रहे पानी

सरकार ने मदद का ऐलान किया। पर जिले के अफसर और कर्मचारी हैं कि उसकी मंशा पर पानी फेरने में जुटे हैं। शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट सही भी है या नहीं इसकी जांच तक अफसर नहीं करते।

अमेठी में अब तक इतना नुकसान मान रहा प्रशासन

Big lose of farmers in Amethi.

फसल--खेती का क्षेत्र (हे.)--नुकसान का क्षेत्र (हे.)--असिंचित--सिंचित
गेहूं--1,02,010--809.756--असिंचित क्षेत्र नहीं--809.756
सरसों--2,507--41.576--16.971--24.635
चना--2,402--नुकसान का क्षेत्र नहीं--असिंचित क्षेत्र नहीं--सिंचित क्षेत्र नहीं

मटर--3,413--92.493--75.86--13.933
मसूर--खेती का क्षेत्र नहीं--3.84 --3.127--0.113
आलू--5,000--2.029--असिंचित क्षेत्र नहीं--2.029
अन्य--2,206--0.63--असिंचित क्षेत्र नहीं--0.2

योग--1,17,538--950.324--95.928--850.766

नोट-यह आंकड़े तहसीलों की ओर से किए गए पुराने सर्वे पर आधारित हैं जिसके आधार पर मुआवजा बांटा जा रहा है।

करा रहे हैं सर्वे
वहीं वित्त एवं राजस्व अपर जिलाधिकारी माताफेर का कहना है कि बारिश से बर्बाद हुई फसलों के नुकसान का गाटावार सर्वे कराया जा रहा है। सभी एसडीएम को सर्वे कार्य पूरा कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलते ही शासन को भेजी जाएगी। शासन से अनुमति मिलते ही चिह्नित किसानों को मुआवजा बांट दिया जाएगा।

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