बड़ा खुलासा: भारत-नेपाल सीमा बन रही है इस्लामिक लैंड, दक्षिण भारत की संस्थाएं कर रही हैं धर्मांतरण की फंडिंग
India-Nepal border: भारत-नेपाल सीमा इस्लामिक लैंड बनती जा रही है। विदेश के साथ भारत के दूसरे हिस्सों से भी धर्मांतरण के लिए यहां पैसा आ रहा है।
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नेपाल सीमा को इस्लामिक लैंड बनाया जा रहा है। इसका खुलासा आयकर विभाग की गोपनीय जांच में हुआ है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजने के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और यूपी सरकार सक्रिय हुई और दक्षिण भारत की धार्मिक संस्थाओं की फंडिंग से बने मदरसे और मस्जिदों को जमींदोज किया जाने लगा। आयकर रिपोर्ट इशारा कर रही है कि नेपाल सीमा पर जमालुद्दीन उर्फ छांगुर जैसे तमाम राष्ट्रविरोधी तत्व सक्रिय हैं और वह इलाके की डेमोग्राफी बदलने के साथ अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचा रहे हैं।
दरअसल, आयकर विभाग, लखनऊ की जांच इकाई ने बीते फरवरी माह में नेपाल सीमा से सटे जिलों में 2000 के नोट बदलने की सूचना पर छापे मारे थे। इस दौरान बड़े पैमाने यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए संदिग्ध खातों में करोड़ों रुपए आने का पता चला। यह रकम पुलवामा हमले की तर्ज पर भेजी जा रही थी, जिसके स्रोत का पता लगाना आसान नहीं होता है। आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में 150 करोड़ रुपये की फंडिंग होने के सुराग मिले हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध धर्मांतरण के साथ मजिस्द, मदरसे और मजारें आदि बनाने में हो रहा है। जिस तरह पुलवामा आतंकी हमले के लिए यूपीआई का इस्तेमाल किया गया, उसकी तरह इन सभी राष्ट्रविरोधी और गैरकानूनी गतिवधियों के लिए हजारों यूपीआई ट्रांजेक्शन होने का पता चला है। जांच के दौरान बलरामपुर के एक मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति के बैंक खाते में करीब 12 करोड़ रुपये तामिलनाडु की एक धार्मिक संस्था द्वारा भेजे जाने का पता चला, जिसकी आयकर विभाग गहनता से जांच कर रहा है।
कई गांवों में बढ़ी मुस्लिम आबादी
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला कि श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्वार्थनगर आदि नेपाल के सीमावर्ती जिलों के कई गांवों में मुस्लिम आबादी बढ़ती जा रही है, जबकि हिंदुओं की आबादी कम हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि बेहद सुनियोजित तरीके से मुस्लिम समुदाय के लोगों को सीमावर्ती इलाकों में बसाया जा रहा है। यह कृत्य करीब 15 साल से जारी होने की वजह से इन इलाकों की डेमोग्राफी में भी बदलाव देखा गया है। बता दें कि आयकर विभाग ने रक्सौल, रुपैडीहा, बढ़नी, कोयलाबासे आदि सीमावर्ती इलाकों में छापे मारे थे।
गृह मंत्रालय सतर्क, आईबी भी सक्रिय
आयकर विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद गृह मंत्रालय सतर्क हो गया, जिसके बाद दिल्ली से आए अधिकारियों ने आईबी के अफसरों के इन सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था। जिसके बाद यूपी सरकार को पूरे मामले की जानकारी दी गई और अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिदों, मदरसों और मजारों को नेस्तनाबूद किया जाने लगा। वहीं दूसरी ओर इस फंडिंग के दृष्टिगत ईडी को भी कार्रवाई करने को कहा गया है। दक्षिण भारत में आयकर विभाग भी संदेह के दायरे में आईं संस्थाओं की जांच कर रही हैं।
रिपोर्ट के बाद छांगुर पर शिकंजा
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