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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, कोरोना से जंग के लिए जुटाए 2126.50 करोड़

Thu, 09 Apr 2020 09:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 09 Apr 2020 09:04 AM IST
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Big decision of Yogi cabinet mobilized 2126.50 crores to fight Coronavirus
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
योगी सरकार ने कोरोना महामारी से जंग के लिए बुधवार को चार अहम फैसले लेकर 2126 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये की व्यवस्था की है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस विशेष बैठक में लिए गए फैसलों को अध्यादेश के जरिये लागू करने को मंजूरी दे दी गई। 
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विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना (विधायक निधि) को एक साल यानी 2020-21 के लिए अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया गया है। इससे मिलने वाले 1509  करोड़ रुपये कोविड केयर फंड में दिए जाएंगे। इसी तरह वेतन और भत्तों में कटौती से 17 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये भी इसी फंड में देने का निर्णय लिया गया है। 
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साथ ही आकस्मिकता निधि बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है। विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों की मांग पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए वर्ष 1998-99 में विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना शुरू की गई थी। 
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2004 में विधायक निधि को 75 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया था। वर्ष 2007 में इसे 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये किया गया। वर्ष 2012 में इसे 1.25 करोड़ से 1.50 करोड़ फिर 2018 में 2.40 करोड़ किया गया। इसमें दो करोड़ विकास कार्यों और 40 लाख निर्माण कार्यों पर लगने वाले कर (जीएसटी) की प्रतिपूर्ति के लिए हैं।
 

प्रदेश में कोरोना से चिकित्सा क्षेत्र में पैदा हुई परिस्थितियों में प्रबंधन के लिए बड़ी धनराशि की जरुरत है। चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने और आवश्यक उपभोग सामग्री की खरीद के लिए उप्र कोविड केयर फंड की स्थापना की गई है। विधायक निधि का एक वर्ष का धन इसी फंड में जाएगा।

सीएम, मंत्रियों के वेतन से जाएंगे 2.22 करोड़
मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों का प्रतिमाह वेतन 40 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 50 हजार और सचिवीय भत्ता 20 हजार रुपये है। इस प्रकार प्रत्येक के कुल वेतन-भत्ते 1.10 लाख रुपये का 30 फीसदी यूपी कोविड केयर फंड में जाएगा। 

मंत्रिमंडल के कुल 56 सदस्य है। इनके एक वर्ष के वेतन का 30 प्रतिशत यानी 2 करोड़ 21 लाख 76 हजार रुपये फंड में जाएगा। इसके लिए उप्र  मंत्री (वेतन, भत्ता और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम-1981 (यथासंशोधित) की धारा-3 की उपधारा (1) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

एमएलए, एमएलसी के वेतन से होंगी 15.28 करोड़ कटौती 

कैबिनेट में उप्र राज्य विधान मंडल (सदस्यों की उपलब्धि और पेंशन) अधिनियम-1980 में संशोधन किया है। इसके तहत विधानमंडल के दोनों सदस्यों के वेतन से 30 फीसदी कटौती होगी। प्रदेश के 503 विधायक एवं विधान परिषद सदस्य हैं। 

प्रत्येक को प्रतिमाह 25 हजार रुपये वेतन, 50 हजार रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता तथा 20 हजार रुपये सचिवीय भत्ता मिलता है। प्रतिमाह मिलने वाले 95 हजार रुपये में साल भर तक 30 प्रतिशत कटौती होगी। 

सभी सदस्यों की कुल राशि 15 करोड़ 28 लाख 74 हजार रुपये वार्षिक होगी। इस प्रकार मंत्रियों एवं विधायकों के वेतन में कटौती से 17 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये कोविड केयर फंड में जाएगी।
 

आकस्मिकता निधि की सीमा 600 से 1200 करोड़

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि की वर्तमान सीमा 600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1200 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके लिए यूपी आकस्मिकता निधि (संशोधन) अध्यादेश 2020 को लागू करने का निर्णय किया गया है। 

इससे आवश्यक उपकरणों की खरीद, प्रभावित लोगों के क्वारंटीन कैंप, खाद्य पदार्थ, चिकित्सीय सुविधा तथा अन्य जरूरतों के लिए धनराशि की कमी होने या बजट न हो पाने पर राज्य आकस्मिकता निधि से राशि दी जाएगी।
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