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Lucknow News: लॉरेंस गैंग का भजनलाल नामजद, शूटआउट के लिए खरीदता था चोरी की एसयूवी
Tue, 30 Jan 2024 02:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jan 2024 02:21 PM IST
सार
लखनऊ पुलिस ने जयपुर के निवासी सतेंद्र सिंह शेखावत को गिरफ्तार किया था। सोमवार को प्रेसवार्ता कर डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी सतेंद्र ने लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर समेत कई अन्य शहरों से एसयूवी चोरी की।
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : social media
विस्तार
एसयूवी चोरी कर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह को सप्लाई करने वाले एमबीए पास शातिर सतेंद्र सिंह शेखावत को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से वह जेल भेजा गया। पुलिस ने लॉरेंस गैंग के भजनलाल (जो एसयूवी की डिलीवरी लेता था) और उसके भाई को भी केस में नामजद आरोपी बनाया है। उधर पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि जो चोरी कि एसयूवी गैंग को पहुंचाई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी के साथ ही शूटआउट जैसी बड़ी आपराधिक वारदातों में होता है।
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गोमतीनगर पुलिस ने जयपुर के हनुमान नगर नांगल करजनी निवासी सतेंद्र सिंह शेखावत को गिरफ्तार किया था। सोमवार को प्रेसवार्ता कर डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी सतेंद्र ने लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर समेत कई अन्य शहरों से एसयूवी चोरी कीं। इसमें मुख्य रूप से फॉर्च्युनर एसयूवी हैं।
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सतेंद्र 15 वर्षों से एसयूवी चोरी करता रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया कि सतेंद्र राजस्थान के बाड़मेर निवासी भजनलाल व उसके भाई को सभी एसयूवी बेचता था। भजनलाल सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। आगे वह गैंग के लोगों को एसयूवी देकर उनका इस्तेमाल वारदातों में कराता था। इसलिए पुलिस ने इन दोनों भाइयों को भी आरोपी बनाया है।
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एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास के मुताबिक आरोपी सतेंद्र रिटायर्ड मेजर का पुत्र है। वह अब तक नौ राज्यों में जेल जा चुका है। अब वह यूपी में पकड़ा गया। इससे पहले वह तेलंगाना में जेल गया था। जिस राज्य में वह एक बार गिरफ्तार हो जाता था तो जेल से छूटने के बाद वहां चोरी नहीं करता था। वह तुरंत राज्य बदल देता था। तेलंगाना में जेल से छूटने के बाद अब वह यूपी के बड़े शहरों में घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
एडीसीपी ने बताया कि 28 दिसंबर 2023 को विपुलखंड निवासी नरेंद्र नाथ शुक्ल ने शिकायत की थी कि रात को घर के बाहर से फॉर्च्युनर गाड़ी चोरी हो गई है।
इसके अलावा 27 नवंबर 2023 को तेलीबाग चौराहे से सफेद रंग की फॉर्च्युनर चोरी हुई। 22 नवंबर 2023 को दारुलशफा के पास से काले रंग की फॉर्च्युनर चोरी हुई। सभी केस दर्ज किए गए। छानबीन के दौरान जो भी सीसीटीवी फुटेज मिलीं उनमें एक शख्स ही कॉमन कैद हुआ। उक्त वारदातों में कॉमन ये भी था कि इन सभी गाड़ियों की सर्विसिंग एक ही सर्विस सेंटर से हुई थीं। तब सर्विस सेंटर पर संपर्क किया गया। वहां की फुटेज जुटाई गईं। इनमें भी सतेंद्र की फोटो मिली और वाराणसी नंबर की एक स्कॉर्पियो नजर आई। स्कॉर्पियो का नंबर फर्जी था। पुलिस ने स्कॉर्पियो के इसी नंबर के आधार पर आईटीएमएस को अलर्ट कर रखा था। दो-तीन दिन पहले बरेली में ये स्कॉर्पियो कैमरे में कैद हुई। तब गोमतीनगर पुलिस सक्रिय हुई और सतेंद्र को दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सर्विस सेंटर पर जाता था। वहां जो भी फॉर्च्युनर खड़ी मिलती थी, उसकी डुप्लीकेट इलेक्ट्रॉनिक चाबी सॉफ्टेवयर की मदद से तैयार कर लेता था। फिर उस एसयूवी का नंबर नोट कर उसमें एक जीपीएस लगा देता था। बाद में वह ऑटो से जाकर उस एसयूवी को चोरी करके मौके पर कांच के टुकड़े फेंक देता था। ताकि जांच के दौरान पुलिस समझे कि शीशा तोड़कर फॉर्च्युनर चुराई गई है। वह चोरी की फॉर्च्युनर पार्किंग में खड़ी कर देता था। नंबर प्लेट बदलकर एक-दो दिन में एसयूवी लेकर राजस्थान चला जाता था।