अच्छे सुझाव पर मिलेगा 50 हजार रुपए का इनाम, पढ़िए खबर...
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लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए आपका दिया सुझाव आपको 50,000 रुपये का इनाम दिला सकता है। डीएम राजशेखर ने सबसे अच्छे सुझाव देने वाले तीन विजेताओं को अवार्ड देने की घोषणा की है। साथ ही लखनऊ को स्मार्ट सिटी की दौड़ में आगे लाने के लिए सिनेमा हॉल, एफएम रेडियो पर भी प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 60 संस्थाएं जुटीं। इन संस्थाओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भी अपडेट लिया जाएगा। कॉलर ट्यून, बल्क मैसेज की भी मदद ली जाएगी।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में www.mygov.in पर सुझावों का आंकड़ा बढ़ाने के लिए डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक ली। इसमें उन्होंने संस्थाओं से अपील की कि स्मार्ट सिटी के लिए
www.mygov.in पर वोट और सुझाव करें।
इसमें यूपीटीयू वीसी प्रो.विनय पाठक सहित व्यापारिक संगठन, चिकित्सकों के संगठन, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, नगर निगम, जिला प्रशासन, विकास भवन के अधिकारी और पदाधिकारी जुटे। डीएम ने एक प्रजेंटेशन देते हुए जहां वोट और सुझाव देने का तरीका समझाया।
वहीं अपील की कि संयुक्त प्रयास कर आंकड़ा एक लाख से ऊपर पहुंचाया जाए। इसके लिए केवल 30 नवंबर तक का समय है ऐसे में तुरंत इसके लिए संस्थाएं जुट जाएं। एक ईजी टू यूज ब्रोशर भी बैठक में शामिल नागरिकों को बंटवाया गया।
डीएम ने कहा कि सुझाव की गुणवत्ता मिले। इसके लिए सबसे अच्छे तीन सुझाव चुने जाएंगे। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 50 हजार, 30 हजार और 15 हजार रुपये कैश अवार्ड दिया जाएगा। इन तीनों विजेताओं को जिला प्रशासन और नगर निगम खुद सम्मानित करेगा।
यह लोग स्मार्ट सिटी बनने की प्रक्रिया में भी शामिल किए जाएंगे। डीएम ने अपील की कि यह कोशिश हम अपने शहर लखनऊ के लिए कर रहे हैं। इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यह विशेष अभियान चार दिन तक चलेगा।
स्मार्ट सिटी में क्यों जरूरी जनसहभागिता?
स्मार्ट सिटी के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जनसहभागिता के लिए 15 अंक रखे गए हैं। www.mygov.in पर सुझाव और पोल से यह अंक अलग-अलग शहरों को दिए जाएंगे। कम जनसहभागिता मतलब कम अंक होगा। इससे अंतिम रूप से पहले साल के 20 शहरों में लखनऊ के चयन पर असर पड़ सकता है।
•www.mygov.in पर अकाउंट बनाएं
•इस अकाउंट से लॉगइन कर डिस्कस बटन पर क्लिक कर अपना सुझाव दें
•इसके बाद पोल बटन पर क्लिक कर वोट करें
•यह वेबसाइट पोल और डिस्कस के लिए 30 नवंबर तक खुली रहेगी।
•एक व्यक्ति अधिकतम 30 सुझाव और एक वोट कर सकता है।
डेडलाइन निकली, 75 प्रतिशत ड्राफ्ट रिपोर्ट बनने का दावा
वोट और सुझाव के आंकड़ों में पिछड़ने के बाद स्मार्ट सिटी बनाने के लिए ड्राफ्ट रिपोर्ट बनाने में भी पिछड़ रहा है। एक तरफ जहां स्थानीय नागरिकों से सुझाव के आंकड़े बढ़ाने में मदद नहीं मिल रही। वहीं, दूसरी तरफ डेडलाइन खत्म होने के बाद भी स्मार्ट सिटी प्रपोजल की ड्राफ्ट रिपोर्ट नहीं बन सकी है।
खुद अधिकारियों का कहना है कि अब तक 75 प्रतिशत ड्राफ्ट बनकर तैयार हो गया है। 28 नवंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। 28 नवंबर को ही ड्राफ्ट का नगर विकास विभाग में प्रजेंटेशन किया जाना है।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि कंसल्टेंट को जल्दी से प्रपोजल की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। बृहस्पतिवार को मिले अपडेट के मुताबिक 75 प्रतिशत काम ड्राफ्ट का हो चुका था। बाकी काम को भी 48 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा। इस रिपोर्ट को नगर निगम को ऑनलाइन www.mygov.in पर अपलोड करना है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की गाइडलाइन के मुताबिक नागरिकों के फीडबैक के बाद ही फाइनल स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाया जाएगा। लखनऊ तब पिछड़ा हुआ है कि जबकि देश के कई नगर निगम अपने स्मार्ट सिटी प्रपोजल की ड्राफ्ट रिपोर्ट भी नागरिकों के फीडबैक के लिए अपलोड कर चुके हैं।
अपने प्रपोजल पर कर्नाटक की शिवमोग्गा, राजस्थान के उदयपुर, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल का हल्दिया ने फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। यूपी से लखनऊ सहित सभी 12 शहर स्मार्ट सिटी प्रपोजल की ड्राफ्ट रिपोर्ट अपलोड करने में विफल रहे हैं।