प्रवासी कामगारों के साथ किया जाए सम्मानजनक व्यवहार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी कामगारों, श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रवासी कामगारों की सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देशित किया कि संबंधित राज्यों से प्रवासियों की सूची प्राप्त की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से प्रदेश में न आने पाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन में उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉकडाउन को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन कराया जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सैनिटाइजेशन तथा डोर स्टेप डिलीवरी टीमों के अलावा कोई न जाने पाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों से वापस आ रहे प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की जिलावार सूची संबंधित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगारों को लेकर सर्वाधिक ट्रेनें यूपी पहुंचीं हैं।
रेल यात्रा के बाद प्रवासियों को परिवहन निगम की बसों से उनके गृह जिलों में पहुंचाया जा रहा है। बाहर से आने वालों के लिए क्वारंटीन सेंटर व शेल्टर होम में स्वच्छता व सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं। कम्युनिटी किचन के माध्यम से भरपेट व पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की जाए।
डीएम की मदद के लिए तैनात अफसरों से करें संवाद
सीएम ने कहा कि जिलाधिकारियों के सहयोग के लिए सभी 75 जिलों में आईएएस व वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी नामित किए गए हैं। इन अधिकारियों से नियमित संवाद रखा जाए। उन्होंने विदेश से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग कर क्वारंटीन सेंटर में रखे जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग धंधों के सुगम संचालन के लिए आवश्यकतानुसार सेक्टोरल नीतियों का सरलीकरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।
सीएमओ तैयार कराएं मरीजों की केस हिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड एवं नॉन-कोविड अस्पतालों को अलग-अलग स्थापित करने से कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना मरीजों का अध्ययन करते हुए रोगियों की केस हिस्ट्री तैयार करने के निर्देश दिए। सीएम ने एल-1, एल-2 तथा एल-3 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार करके 52 हजार बेड किए जाने के निर्देश दिए। अब तक 48 हजार बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।
गौआश्रय स्थलों में तलाशें रोजगार की संभावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए स्थापित गौ आश्रय स्थलों में चारे की व्यवस्था के लिए भूसा बैंक की स्थापना को गति दी जाए। गौ आश्रय स्थलों में रोजगार की संभावनाएं हैं। इसलिए प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को रोजगार सुलभ कराने के लिए इन्हें गौ आश्रय स्थलों से जोड़ा जाए।