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Lucknow News: मधुमक्खी पालकों के लिए 15 करोड़ से बनेगा शहद उत्कृष्टता केंद्र
Fri, 02 Jun 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 02 Jun 2023 12:13 AM IST
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- सहारनपुर के बाद प्रदेश में विशिष्ट सुविधायुक्त होगा यह दूसरा केंद्र
- प्रस्ताव तैयार, अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा केंद्र सरकार के पास
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। मधुमक्खी पालकों के लिए जिले में जल्दी शहद उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना होगी। इससे न सिर्फ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिलेगा वरन इस धंधे से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर बनेगी। प्रस्तावित कार्ययोजना का प्रस्ताव बनकर तैयार हो गया है। जल्दी इसे अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। इस पर 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उद्यान विभाग निदेशालय की ओर से केंद्र सरकार को रायबरेली में शहद उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए एक पत्र भेजा गया था। केंद्र सरकार ने निदेशालय के पत्र का हवाला देते हुए जिला उद्यान विभाग, रायबरेली से शहद उत्कृष्टता केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव के तहत यह केंद्र रायबरेली जिले के शिवगढ़ कस्बा स्थित हाईटेक नर्सरी के पास बनाया जाएगा। सहारनपुर के बाद प्रदेश में यह दूसरा शहद उत्कृष्टता केंद्र होगा। इस केंद्र की स्थापना से रायबरेली के साथ ही लखनऊ, बाराबंकी समेत आसपास के अन्य जिलों के मधुमक्खी पालकों के काफी फायदेमंद होगा। इससे इन जिलों में मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस केंद्र पर न सिर्फ मधुमक्खी पालने के इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण मिलेगा वरन शहद की गुणवत्ता परखने की सुविधा भी होगी। इसके माध्यम से मधुमक्खी पालकों को शहद की बिक्री के लिए भी परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी।
हर साल महज 30 मीट्रिक टन उत्पादन
मौजूदा समय में जिले में हर साल महज 30 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन ही होता है। बिना समुचित संसाधन व मधुमक्खी पालन की जानकारी के आम किसान इस धंधे से नहीं जुड़ पाता है। शहद उत्कृष्टता केंद्र खोलने से किसानों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं से शहद का उत्पादन भी बढ़ेगा। शिवगढ़ में इस केंद्र को स्थापित किए जाने का उद्देश्य आस पास के जिलों के किसानों को भी योजना का लाभ पहुंचाना है।
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केंद्र पर होंगे यह कार्य
- शहद को प्रसंस्करण किया जाएगा।
- मौनगृह (छत्ता) का निर्माण किया जाएगा।
- शहद को चेक करने के लिए लैब होगी।
- किसान अपना तैयार शहद बिक्री कर सकेंगे।
- मधुमक्खी पालन से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी।
मिलेगा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा
जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए शहद उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कराया जाएगा। जल्दी केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। इसके स्थापित होने से रायबरेली के साथ ही आस पास के जिलों में मधुमक्खी पालन को निश्चित तौर पर बढ़ावा मिलेगा। -केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी
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- प्रस्ताव तैयार, अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा केंद्र सरकार के पास
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। मधुमक्खी पालकों के लिए जिले में जल्दी शहद उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना होगी। इससे न सिर्फ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिलेगा वरन इस धंधे से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर बनेगी। प्रस्तावित कार्ययोजना का प्रस्ताव बनकर तैयार हो गया है। जल्दी इसे अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। इस पर 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
उद्यान विभाग निदेशालय की ओर से केंद्र सरकार को रायबरेली में शहद उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए एक पत्र भेजा गया था। केंद्र सरकार ने निदेशालय के पत्र का हवाला देते हुए जिला उद्यान विभाग, रायबरेली से शहद उत्कृष्टता केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव के तहत यह केंद्र रायबरेली जिले के शिवगढ़ कस्बा स्थित हाईटेक नर्सरी के पास बनाया जाएगा। सहारनपुर के बाद प्रदेश में यह दूसरा शहद उत्कृष्टता केंद्र होगा। इस केंद्र की स्थापना से रायबरेली के साथ ही लखनऊ, बाराबंकी समेत आसपास के अन्य जिलों के मधुमक्खी पालकों के काफी फायदेमंद होगा। इससे इन जिलों में मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस केंद्र पर न सिर्फ मधुमक्खी पालने के इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण मिलेगा वरन शहद की गुणवत्ता परखने की सुविधा भी होगी। इसके माध्यम से मधुमक्खी पालकों को शहद की बिक्री के लिए भी परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी।
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हर साल महज 30 मीट्रिक टन उत्पादन
मौजूदा समय में जिले में हर साल महज 30 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन ही होता है। बिना समुचित संसाधन व मधुमक्खी पालन की जानकारी के आम किसान इस धंधे से नहीं जुड़ पाता है। शहद उत्कृष्टता केंद्र खोलने से किसानों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं से शहद का उत्पादन भी बढ़ेगा। शिवगढ़ में इस केंद्र को स्थापित किए जाने का उद्देश्य आस पास के जिलों के किसानों को भी योजना का लाभ पहुंचाना है।
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केंद्र पर होंगे यह कार्य
- शहद को प्रसंस्करण किया जाएगा।
- मौनगृह (छत्ता) का निर्माण किया जाएगा।
- शहद को चेक करने के लिए लैब होगी।
- किसान अपना तैयार शहद बिक्री कर सकेंगे।
- मधुमक्खी पालन से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी।
मिलेगा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा
जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए शहद उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कराया जाएगा। जल्दी केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। इसके स्थापित होने से रायबरेली के साथ ही आस पास के जिलों में मधुमक्खी पालन को निश्चित तौर पर बढ़ावा मिलेगा। -केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी