बीबीएयूः निदेशक ने स्टूडेंट को जड़ा थप्पड़, हंगामा
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नाराज छात्रों ने निदेशक कार्यालय के बाहर, विभाग में शीशे तोड़े और अंबेडकरभवन का घेराव किया। निदेशक हटाने की मांग पर छात्र देर रात तक धरने पर बैठे रहे। विवि की सेमेस्टर परीक्षाएं 7 दिसंबर से शुरू होंगी। तारीख बदलने को लेकर शुक्रवार दोपहर बीटेक के छात्र निदेशक कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।
इसी के बाद ये विवाद हुआ। छात्रों का यह भी आरोप है कि शिक्षक उन्हें नोट्स फोटा कॉपी कराकर दे देते हैं। ठीक से पढ़ाया भी नहीं जाता। प्रो. एनएमपी वर्मा, कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा का कहना है कि मारपीट के बारे में उन्हें जानकारी नहीं।
धक्कामुक्की में छात्र प्रभात कुमार की हथेली, छात्रा कविता की आंख के नीचे और आशुतोष के होठ पर चोट आ गई। इससे नाराज छात्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते विभाग पहुंचे और कक्षाएं बंद कराकर वहां के शीशे तोड़ दिए। वहीं घायल छात्रों को विवि के स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज नहीं मिला। उन्हें उपचार के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा गया।
कोर्स पूरा होने के एक सप्ताह बाद परीक्षा
प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वे कुलपति से मिलने की मांग पर अड़े रहे। वहीं, कुलपति ने अपनी जगह दोबारा निदेशक प्रो. सिंह को ही छात्रों के बीच भेज दिया। इससे छात्र और नाराज होकर नारेबाजी करने लगे।
शुक्रवार को हुए हंगामे मामले में निदेशक प्रो. कमान सिंह ने लॉ विभाग के छात्र हर्षित शुक्ला, एमबीए के आशुतोष मिश्रा आदि के खिलाफ छात्रों को भड़काने, विभाग में तोड़फोड़ करने के मामले में कार्रवाई के लिए प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा को लिखित दिया है।
वहीं दूसरी तरफ छात्रों ने प्रो. कमान सिंह पर मारपीट, गाली-गलौज, गार्डों द्वारा लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि देर रात निदेशक धरना स्थल पर पहुंचे और अभद्रता की और मारपीट की कोशिश की। विवि प्रशासन ने देर शाम निर्णय लिया कि बीटेक अंतिम वर्ष का कोर्स पूरा है, इसकी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय 7 दिसंबर से कराई जाएंगी। वहीं, जिनके कोर्स नहीं पूरे हुए हैं, उनके कोर्स पूरा होने के एक सप्ताह बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी।
मैंने नहीं मारा
मैंने किसी को नहीं मारा। एक छात्र ने मेरे लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विद्यार्थियों ने कई जगह शीशे तोड़े हैं। मैंने पहले भी कहा था कि जिनका कोर्स नहीं पूरा है, उनके कोर्स पूरा कराकर ही परीक्षाएं होंगी। किंतु छात्र उग्र हो गए। - प्रो. कमान सिंह, निदेशक यूआईईटी