बाराबंकी: महिला सिपाही की संदिग्ध हालत में हत्या, साथी आरक्षी पर केस दर्ज; खेत में सड़ी-गली हालत में मिला शव
बहराइच-बाराबंकी हाईवे के निकट बिंदौरा गांव के पास बुधवार सुबह सुबेहा थाने में तैनात महिला सिपाही विमलेश पाल का शव क्षत-विक्षत हालत में खेत में पड़ा मिला।
विस्तार
बहराइच-बाराबंकी हाईवे के निकट बिंदौरा गांव के पास बुधवार सुबह सुबेहा थाने में तैनात महिला सिपाही विमलेश पाल का शव क्षत-विक्षत हालत में खेत में पड़ा मिला। बहन पूजा पाल की तहरीर पर हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्या के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार भी मौके पर पहुंचे।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि विमलेश पाल सुल्तानपुर की रहने वाली थी। उसकी ड्यूटी 27 जुलाई को महादेवा मंदिर के गर्भगृह में लगाई गई थी, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं पहुंची। घटना स्थल से एक स्कूटी बरामद हुई है, जो सिपाही इंद्रेश मौर्या के नाम पर पंजीकृत है। मोबाइल फोन के कॉल डिटेल और फोरेंसिक जांच में प्रथम दृष्टया इंद्रेश की भूमिका संदिग्ध है। वह पहले बाराबंकी में ही तैनात था।
एसपी के अनुसार वर्ष 2024 में विमलेश पाल ने इंद्रेश पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। बाद में अदालत में शपथपत्र देकर दोनों ने सुलह कर ली। कोर्ट में दोनों ने शादी कर साथ रहने की बात कही थी। कुछ दिनों से दोनों में फिर अनबन शुरू हो गई थी।
विमलेश पाल मूल रूप सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कोतवाली के भभोट गांव की रहने वाली थी। उसके पिता रामभरत पाल पुलिस विभाग में फॉलोअर थे। उनकी मौत के बाद तीसरे नंबर की बेटी विमलेश की वर्ष 2017 में पुलिस में भर्ती हुई। वह बाराबंकी के सुबेहा थाने के पास किराए के कमरे में रहती थी। बहन पूजा पाल ने बताया कि 27 जुलाई को विमलेश ने फोन कर बताया था कि इंद्रेश उसे मार देगा। आरोप लगाया कि इंद्रेश ने अपने भाई के साथ मिलकर विमलेश काे मार डाला।
शीघ्र होगा खुलासा
तीन दिन तक लापता रही सिपाही, अपनों ने भी नहीं ली सुध
महिला कांस्टेबल विमलेश पाल की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और महादेवा परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सिपाही 27 जुलाई को ड्यूटी के लिए सुबेहा थाने से महादेवा के लिए निकली थीं, लेकिन वहां पहुंचीं ही नहीं। इस दौरान उसकी गैरहाजिरी की रपट भी दर्ज हुई पर उसे खोजने की कोशिश न तो पुलिस ने की न ही उसके अपनों ने कोई सुध ली।
हद तो यह है कि 29 जुलाई को उनकी ड्यूटी सतरिख के मजीठा मेले में भी लगी थी लेकिन वह, वहां भी वह नहीं पहुंचीं। यहां न पहुंचने पर क्या कार्रवाई हुई, इस संबंध में सतरिख पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कैसे एक महिला सिपाही तीन दिनों तक लापता रही और किसी ने भी उसकी खोज खबर लेना तक मुनासिब नहीं समझा।
वहीं, महादेवा मेला में सावन के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा निगरानी को लेकर बाराबंकी से रामनगर तक पेट्रोलिंग और चौकसी का दावा करने वाली पुलिस भी हाईवे के बगल पड़े शव के बारे में कुछ जान तक नहीं पाई। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इसे लापरवाही की जगह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानते हुए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सिर पर भारी चीज से किया गया वार
पुलिस सूत्रों की माने तो विमलेश पाल की मौत सिर पर किसी भारी चीज की चोट के कारण हुई है। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। हालांकि रामनगर थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी अधिकृत रूप से कुछ नहीं कह सकती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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