UP: फर्जी कंपनी बनाकर 1300 लोगों से 12 करोड़ ठगे, पांच गिरफ्तार , डेढ़ गुना ब्याज का लालच देकर किया ट्रैप
लोगों को डेढ़ गुना ब्याज देने का सपना दिखाकर 12 करोड़ की ठगी गई थी। मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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फर्जी कंपनी बनाकर बीते चार साल से लोगों को बैंक से डेढ़ गुना ब्याज देने का झांसा देकर करीब 1300 लोगों से 12 करोड़ रूपये की रकम जमा करवाने वाले कंपनी के कथित निदेशक, ब्रांच मैनेजर, आफिस असिस्टेण्ट, एजेंट व फील्ड वर्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित प्रेस-कांफ्रेंस में एएसपी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह व सीओ सिटी सुमित त्रिपाठी ने इसका खुलासा किया।
अधिकारियों ने बताया कि मसौली थाना क्षेत्र के सुरसंडा गांव के बच्चालाल व मीरा देवी समेत कई लोगों ने शहर कोतवाली में शिकायत कर बताया था कि उन्होंने रिच डायमण्ड इण्डिया लिमिटेड की एजेंट शहाबपुर गांव निवासी रेखा देवी ने उसने पैसो जमा कराए थे। लेकिन अभिलेखों में पूरे रुपयों की बजाय कम रुपये दिखाये गये। इस पर एसपी दिनेश कुमार सिंह ने केस दर्ज कराते हुए मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए। जांच में पुलिस को एक के बाद कई लोग ऐसे मिले जिन्होंने डेढ़ गुना ब्याज के लालच में वर्ष 2021 से पैसा जमा किया लेकिन किसी को भी पैसा वापस नहीं किया गया। इस पर पुलिस ने सबसे पहले रेखा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आवास विकास में एलआईसी आफिस के निकट एक प्लाजा में संचालित हो रहे रिच डायमण्ड इण्डिया लिमिटेड के कार्यालय पर छापा मारा। जिसके बाद कंपनी के निदेशक मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के सूरतगंज निवासी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, सीतापुर जिले के बन्नी खरैला थाना मानपुर निवासी ब्रांच मैनेजर सौरभ वर्मा, सादुल्लापुर कोतवाली फतेहपुर निवासी आफिस असिस्टेंट उपेन्द्र कुमार व जहांगीराबाद क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर निवासी फील्ड वर्कर अंकित कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया।
28 पासबुक, सात डायरी, कम्प्यूटर सेट बरामद
सीओ सिटी सुमित कुमार त्रिपाठी के अनुसार पुलिस ने कंपनी के कार्यालय से 28 पासबुक, सात डायरी एक कम्प्यूटर सेट बरामद किया। इन लोगों द्वारा वर्ष 2021 से अब तक करीब 12 से 13 सौ लोगों के खाते खुलवाए गए।
इधर से उधर करते थे पैसा, देते थे लोन
जांच में यह भी पता लगा कि आरोपियों द्वारा लोगों से पैसे जमा करवाने के बाद अन्य लोगों को ब्याज पर ऋण दिया जा रहा था। पैसा इधर-उधर करके फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। जिससे कार्यालय पर लोग आते थे और पैसे जमा करवाने वाले कंपनी को अच्दा समझ लेते थे।
महंगे शौक देख पुलिस रह गई दंग
फर्जीवाड़ा से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले पांचों आरोपियों के मंहगे शौक थे। मोबाइल से लेकर वाहन तक व रहन सहन पर लाखों रुपये खर्च करते थे। शहर कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया सूरतगंज का शैलेंद्र इन लोगाें का सरगना है। अन्य लोगों के बारे में जांच हो रही है।
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