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बैंकिंग सॉफ्टवेयर ने अटकाई रसोई गैस की सब्सिडी

Tue, 18 Nov 2014 03:35 PM IST
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 18 Nov 2014 03:35 PM IST
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Banking software become obstacle to LPG subsidy

अधूरी तैयारियों से उपभोक्ताओं के खाते में रसोई गैस सब्सिडी की रकम सीधे भेजने की योजना में अड़ंगा आ गया है। एक जनवरी से प्रस्तावित एमडीबीटीएल योजना के तहत उपभोक्ताओं के कंज्यूमर नंबर को उनके खाते से लिंकअप कराने से बैंकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

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बैंकों का कहना है कि इस संबंध में उन्हें केंद्र से न तो कोई दिशा-निर्देश मिले हैं और न ही बिना आधार कार्ड वाले कंज्यूमर को लिंकअप करने के लिए कोई सॉफ्टवेयर ही तैयार है।
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ऐसे में आधार कार्ड न बनवा पाने वाले करीब सात लाख घरेलू गैस उपभोक्ताओं का कंज्यूमर नंबर उनके बैंक खाते से लिंकअप कराने का कार्य बैंक स्तर पर फिलहाल पूरी तरह ठप है।
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इस परेशानी से बिना आधार कार्ड वाले रसोई गैस उपभोक्ताओं को समय रहते निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।

अपर जिलाधिकारी आपूर्ति ओपी राय ने सोमवार को लीड बैंक, घरेलू एलपीजी की आपूर्ति से जुड़ी तीनों तेल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की।

इसमें तय हुआ कि इस संबंध में जिला प्रशासन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र भेजेगा और बैकिंग स्तर पर गैर आधार कार्ड वाले रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानी दूर कराने का अनुरोध करेगा।

इस बीच, गैस उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए तेल कंपनियां संबंधित गैस एजेंसियों पर ड्रॉप बॉक्स रखवा कर खाता लिंकअप कराने के लिए भरवाए जा रहे दोनों ही फॉर्म जमा करवाएंगी।

बैकिंग स्तर पर समस्या का समाधान होते ही एजेंसियों पर जमा फॉर्म संबंधित बैंकों में पहुंचा दिया जाएगा। बैकों में उन उपभोक्ताओं के कंज्यूमर नंबर को लिंकअप कराने का कार्य होता रहेगा, जिन्होंने अपना आधार कार्ड बनवा लिया होगा।

जिला लीड बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक एमसी मिश्रा ने बताया कि आधार कार्डधारी गैस उपभोक्ताओं के बैंक खाते को कंज्यूमर नंबर से लिंकअप कराने के लिए ही बैंकों को केंद्रीय मंत्रालय से पूर्व में जारी निर्देश प्राप्त हैं।

इसके लिए विशेषतौर पर बनाए गए सॉफ्टवेयर से आधार कार्डधारी कस्टमरों के बैंक खातों को सब्सिडी राशि के लिए कंज्यूमर नंबर से लिंकअप कराने का कार्य होता है।

अब संशोधित योजना में बिना आधार कार्डधारी उपभोक्ताओं की श्रेणी तो बना दी गई, लेकिन उनके कंज्यूमर नंबर को बैंक खाते से लिंकअप कराने को अपनाई जाने वाली व्यवस्था के बारे में कोई दिशानिर्देश बैंक प्रबंधन को प्राप्त नहीं हुआ है।

ऐसे में बैंक बिना आधार कार्ड वाले कस्टमरों के खाता लिंकअप कराने को भरे गए फार्म जमा करने पर भी कार्रवाई नहीं कर सकते। इसीलिए बैंक संबंधित योजना के संबंध में केंद्रीय मंत्रालय से जारी होने वाले दिशानिर्देश के इंतजार में है।

इस बीच आधार कार्ड बनवा चुके उपभोक्ताओं के फार्मों को उपभोक्ता के बैंक खाते से लिंकअप कराने का कार्य सामान्य तरह से संचालित कराया जा रहा है।

बैठक में गैस एजेंसियों के संचालक प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति से जुड़ी तीनों प्रमुख कंपनियों के करीब 8.25 लाख उपभोक्ता है।

इनमें से अभी तक 50 हजार करीब उपभोक्ता ही आधार कार्ड आधारित बैंक खाते से कंज्यूमर नंबर को लिंकअप करा पाए हैं, जबकि करीब 75 हजार अन्य उपभोक्ता आधार कार्ड के साथ लिंकअप कराने को लाइन में है।

ऐसे में आधार कार्ड न बनवा पाने वाले करीब सात लाख घरेलू गैस उपभोक्ता बैंकों द्वारा लिंकअप फार्म जमा न किए जाने पर गैस एजेंसियों पर पहुंच कर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। इससे सामान्य काम काज भी बाधित होने लगा है।

तेल कंपनियों के अधिकारियों की मौजूदगी में एजेंसी संचालकों को इस परेशानी से बचाने के लिए एडीएम आपूर्ति ओपी राय ने सभी गैस एजेंसियों पर अनिवार्य तौर से लिंकअप फार्म जमा करने को ड्राप्स बॉक्स रखवाने का निर्देश दिया ताकि उपभोक्ता फार्म भरकर उन्हें बॉक्स में डाल सके।

इसके बाद जैसे ही बैंक स्तर पर व्याप्त लिंकअप परेशानी दूर होगी इन भरे हुए फार्मों को संबंधित बैंकों में भिजवाने की व्यवस्था करायी जा सके।

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी पाने के लिए आधार कार्ड न बनवा पाने वाले उपभोक्ताओं को खाता लिंकअप कराते समय 16 की जगह 17 नंबरों का कंज्यूमर नंबर फार्म पर दर्ज करना होगा।


इसका पहला नंबर एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी तेल कंपनियों के बारे में जानकारी देगा। इसके लिए इंडेन कंपनी के कस्टमरों को अपने 16 नंबर के कंज्यूमर नंबर के आगे एक, एचपी से जुड़े कस्टमरों को 2 और बीपी कंपनी से जुड़े कस्टमरों को 3 का अंक फार्म में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

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