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इस बैंक के खाताधारक हैं तो चेक कर लें अपना अकाउंट, कहीं कट न गया हो पैसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 27 Mar 2018 03:42 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के आशियाना स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की पावर हाउस शाखा में ग्राहकों के बचत खाते से बगैर सूचना के बैंक ने रुपये काट लिए। कटौती 250 से लेकर सात हजार रुपये से भी ज्यादा की गई।
सोमवार को 20 से ज्यादा हैरान-परेशान खाताधारक बैंक की शाखा पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कटौती हेडक्वार्टर से की गई है। लिहाजा वहीं ई-मेल से शिकायत भेजें।
खाताधारकों ने कस्टमर केयर पर फोन किया, लेकिन वहां भी उनकी शिकायत लेने से इन्कार कर दिया गया। ‘अमर उजाला’ ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
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इसके बाद उन्हाेंने सभी मामलों की शिकायत मंगवाई है और आश्वासन दिया कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कटौती हुई होगी तो पैसा खाते में रिफंड कर दिया जाएगा।
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सोमवार को 20 से ज्यादा हैरान-परेशान खाताधारक बैंक की शाखा पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कटौती हेडक्वार्टर से की गई है। लिहाजा वहीं ई-मेल से शिकायत भेजें।
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खाताधारकों ने कस्टमर केयर पर फोन किया, लेकिन वहां भी उनकी शिकायत लेने से इन्कार कर दिया गया। ‘अमर उजाला’ ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
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इसके बाद उन्हाेंने सभी मामलों की शिकायत मंगवाई है और आश्वासन दिया कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कटौती हुई होगी तो पैसा खाते में रिफंड कर दिया जाएगा।
सभी ने जांचने शुरू किए खाते
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आशियाना निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर नागेश सुबह ऑफिस पहुंचे तो उनके साथी उदय ने बताया कि बैंक ने उनके खाते से 3500 रुपये काट लिए हैं। पर, क्यों काटे, इसकी वजह नहीं बताई है।
उत्सुकतावश नागेश ने अपना अकाउंट चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से भी 248 रुपये काटे गए हैं। बैंक ने यह रकम ‘एलएफसीईवी’ शुल्क के तौर पर काटने की जानकारी बैलेंस डिटेल्स में कोड के रूप में दे रखी थी।
नागेश ने बताया कि उनके ऑफिस के ज्यादातर स्टाफ का अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा में है, सभी ने खाते जांचने शुरू किए तो मालूम हुआ कि कुछ न कुछ रकम सभी के खातों से काट ली गई है।
उत्सुकतावश नागेश ने अपना अकाउंट चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से भी 248 रुपये काटे गए हैं। बैंक ने यह रकम ‘एलएफसीईवी’ शुल्क के तौर पर काटने की जानकारी बैलेंस डिटेल्स में कोड के रूप में दे रखी थी।
नागेश ने बताया कि उनके ऑफिस के ज्यादातर स्टाफ का अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा में है, सभी ने खाते जांचने शुरू किए तो मालूम हुआ कि कुछ न कुछ रकम सभी के खातों से काट ली गई है।
तड़के 3:15 बजे कटौती, एसएमएस तक नहीं आया
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बैंक ने 26 मार्च को तड़के 3:15 बजे से 3:36 बजे के बीच खातों से रकम काटी। किसी भी खाताधारक को एसएमएस पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्हें खुद ऑनलाइन चेक करना पड़ा तब खातों में रकम कम होने की जानकारी हुई।
एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एलएफसीईवी दरअसल लेजर फोलियो चार्ज होता है। यह आमतौर पर करंट अकाउंट वालों से लिया जाता है।
उनके सभी तरह के ट्रांजेक्शंस चाहे वे ऑनलाइन हों या इलेक्ट्रॉनिक या फिर एटीएम या ब्रांच से किए जाएं, इनकी एंट्री अकाउंट स्टेटमेंट में तैयार की जाती है। इस तरह की 25 एंट्री पर 125 रुपये चार्ज लगता है।
एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एलएफसीईवी दरअसल लेजर फोलियो चार्ज होता है। यह आमतौर पर करंट अकाउंट वालों से लिया जाता है।
उनके सभी तरह के ट्रांजेक्शंस चाहे वे ऑनलाइन हों या इलेक्ट्रॉनिक या फिर एटीएम या ब्रांच से किए जाएं, इनकी एंट्री अकाउंट स्टेटमेंट में तैयार की जाती है। इस तरह की 25 एंट्री पर 125 रुपये चार्ज लगता है।
देखें, किसके कितने कटे रुपये
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इतने अधिक लेजर फोलियो चार्ज को लेकर बैंक अधिकारी भी असमंजस में हैं। सात हजार रुपये चार्ज का मतलब है कि खाते का बैंक स्टेटमेंट 56 पेज का बना है।
यानी तीन महीने में ग्राहक ने 1400 बैंक ट्रांजेक्शन किए, जो हर रोज करीब 15 ट्रांजेक्शन बैठता है। सेविंग अकाउंट रखने वालों के लिए ऐसा करना संभव नहीं लगता।
अब तक सामने आए मामलों में इतनी कटौती
क्षितिज श्रीवास्तव - रुपये 7381
शिवम त्रिपाठी - रुपये3806
उदय - रुपये 3502
नीतेश - रुपये 2602
कृष्ण भारद्वाज - रुपये 2213
शुभम दुबे - रुपपे 1399
इस तरह का शुल्क जिन खातों पर लगा है, उनसे जानकारी मांगी गई हैं। उनके अकाउंट की जांच की जाएगी और अगर तकनीकी गलती सामने आती है तो बैंक पैसा लौटाएगा। - पंकज श्रीवास्तव, डीजीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा
यानी तीन महीने में ग्राहक ने 1400 बैंक ट्रांजेक्शन किए, जो हर रोज करीब 15 ट्रांजेक्शन बैठता है। सेविंग अकाउंट रखने वालों के लिए ऐसा करना संभव नहीं लगता।
अब तक सामने आए मामलों में इतनी कटौती
क्षितिज श्रीवास्तव - रुपये 7381
शिवम त्रिपाठी - रुपये3806
उदय - रुपये 3502
नीतेश - रुपये 2602
कृष्ण भारद्वाज - रुपये 2213
शुभम दुबे - रुपपे 1399
इस तरह का शुल्क जिन खातों पर लगा है, उनसे जानकारी मांगी गई हैं। उनके अकाउंट की जांच की जाएगी और अगर तकनीकी गलती सामने आती है तो बैंक पैसा लौटाएगा। - पंकज श्रीवास्तव, डीजीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा