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ब्याज के साथ वापस लीजिए सिक्योरिटी मनी
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Fri, 25 Oct 2013 02:36 AM IST
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प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को उनकी जमा जमानत धनराशि (सिक्योरिटी) पर बैंक दर के हिसाब से ब्याज मिलेगा।
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ब्याज को लेकर पावर कॉर्पोरेशन की ओर से खड़े किए जा रहे विवाद को राज्य विद्युत नियामक आयोग ने गंभीरता से लिया।
आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एक, अप्रैल को अधिसूचित ब्याज दर के हिसाब से ही उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी पर ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
ब्याज दर को लेकर आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के सभी तर्कों को खारिज कर दिया।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से इस संबंध में दाखिल जनहित प्रत्यावेदन पर नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने यह आदेश दिया है।
पढ़ें-बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनेंगी बिजली अदालतें
इस आदेश का लाभ प्रदेश के सभी 1.45 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। आयोग के इस आदेश से उपभोक्ताओं में खुशी है, तो दूसरी ओर पावर कॉर्पोरेशन की साख पर एक बार फिर प्रश्नचिह्न लग गया है।
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उप्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक गत तीन, जुलाई को पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) संजय सिंह ने जमा सिक्योरिटी पर ब्याज दिये जाने का निर्देश सभी बिजली कंपनियों को दिया था।
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आदेश का उपभोक्ता परिषद ने विरोध किया और इसे बदलने को कहा। परंतु कॉर्पोरेशन की ओर से अनावश्यक विवाद खड़ा करके वेटेज एवरेज रेट के सिद्धांत को लागू करने की बात की जा रही थी।
उपभोक्ता परिषद द्वारा निदेशक वाणिज्य के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत वाद दायर किया गया।
यह प्रकरण लंबे समय से आयोग में लंबित था जिस पर बृहस्पतिवार को आयोग ने अपना फैसला सुना दिया।
नियामक आयोग के अध्यक्ष के निर्देश पर सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कॉर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य को आदेश दिया है।
आदेश के मुताबिक तत्काल प्रभाव से प्रदेश के उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी धनराशि पर आरबीआई द्वारा एक, अप्रैल को अधिसूचित ब्याज दर पर भुगतान किया जाए।
वर्तमान में प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों के पास लगभग 1,574 करोड़ सिक्योरिटी जमा है, जिस पर वर्ष 2012-13 और 2013-14 का लगभग 284 करोड़ रुपये ब्याज उपभोक्ताओं को मिलेगा।
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