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Lucknow News: 10 साल बाद बैनामा निरस्त, सरकार के खाते में भूमि दर्ज कराने के आदेश
Sat, 15 Jul 2023 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 15 Jul 2023 10:52 PM IST
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रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के अकबरपुर कछवाह गांव में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अनुसूचित जाति की जमीन के हुए बैनामों को निरस्त (शून्य घोषित) कर दिया गया है। एसडीएम सदर ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान बैनामों के शून्य घोषित करते हुए राज्य सरकार के खाते में जमीन को दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
मुकदमे की पैरवी करने वाले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि अकबरपुर कछवाह गांव में 28 मई 2013 को यह बैनामे कराए गए थे। अनुसूचित जाति के राम कुमार ने शहर के शांती नगर निवासी मनीषा श्रीवास्तव पत्नी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव (लेखपाल) सत्ती पुत्र शिवराम, पूनम पत्नी राकेश कुमार, दिलीप कुमार पुत्र शिवमंगल, सोनी पत्नी राजा को जमीन का बैनामा किया था।
नियमानुसार अनुसूचित जाति के व्यक्ति से जमीन का बैनामा कराने के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति अनिवार्य है, लेकिन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ही बैनामें कराए गए थे। उन्होंने बताया कि पूर्व एसडीएम व आईएएस अंकिता जैन ने वर्ष 2018 से प्रचलित मुकदमे की सुनवाई करते हुए बीती छह जुलाई को आदेश सुनाया। बिना अनुमति के अनुसूचित जाति के व्यक्ति से खरीदी गई भूमि के बैनामों को शून्य घोषित करते हुए राज्य सरकार के खाते में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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अनुसूचित जाति के व्यक्ति से सामान्य वर्ग के लोगों को बैनामा लेने के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति अनिवार्य है। इसके बाद भी वर्ष 2013 में उप निबंधन कार्यालय सदर में दलित की जमीन का बैनामा सेटिंग गेटिंग करके कराया था। बैनामें शून्य घोषित किए जाने के बाद अब तत्कालीन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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मुकदमे की पैरवी करने वाले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि अकबरपुर कछवाह गांव में 28 मई 2013 को यह बैनामे कराए गए थे। अनुसूचित जाति के राम कुमार ने शहर के शांती नगर निवासी मनीषा श्रीवास्तव पत्नी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव (लेखपाल) सत्ती पुत्र शिवराम, पूनम पत्नी राकेश कुमार, दिलीप कुमार पुत्र शिवमंगल, सोनी पत्नी राजा को जमीन का बैनामा किया था।
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नियमानुसार अनुसूचित जाति के व्यक्ति से जमीन का बैनामा कराने के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति अनिवार्य है, लेकिन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ही बैनामें कराए गए थे। उन्होंने बताया कि पूर्व एसडीएम व आईएएस अंकिता जैन ने वर्ष 2018 से प्रचलित मुकदमे की सुनवाई करते हुए बीती छह जुलाई को आदेश सुनाया। बिना अनुमति के अनुसूचित जाति के व्यक्ति से खरीदी गई भूमि के बैनामों को शून्य घोषित करते हुए राज्य सरकार के खाते में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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अनुसूचित जाति के व्यक्ति से सामान्य वर्ग के लोगों को बैनामा लेने के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति अनिवार्य है। इसके बाद भी वर्ष 2013 में उप निबंधन कार्यालय सदर में दलित की जमीन का बैनामा सेटिंग गेटिंग करके कराया था। बैनामें शून्य घोषित किए जाने के बाद अब तत्कालीन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।