फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ban on entry in Darul Uloom Deoband without i card

दारुल उलूम देवबंद में बिना आईकार्ड प्रवेश पर पाबंदी, छात्रों को मदरसे से बाहर न निकलने की नसीहत

Wed, 27 Feb 2019 07:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 27 Feb 2019 07:14 AM IST
विज्ञापन
ban on entry in Darul Uloom Deoband without i card
दारुल उलूम देवबंद - फोटो : अमर उजाला

पुलवामा में हमले और उसके बाद देवबंद से दो कश्मीरी युवकों की गिरफ्तारी के बाद देवबंद के दोनों मदरसे दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ ने छात्रों के लिए निर्देश जारी किए हैं। 

विज्ञापन


दारुल उलूम ने छात्रों के मदरसे से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही बिना आईकार्ड के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं दारुल उलूम वक्फ ने अपने यहां पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को वापस कश्मीर जाने को कहा है और निर्देश दिए हैं कि जब तक कश्मीर के हालात सामान्य नहीं हो जाते वह यहां न आएं।
विज्ञापन


वहीं देवबंद से गिरफ्तार किए गए नवाज और आकिब से पूछताछ के दौरान और भी कई अहम खुलासे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि नवाज के संपर्क में रहने वाले आठ लोगों के बारे में एटीएस को जानकारी मिली है। इनमें से कुछ कश्मीर के रहने वाले हैं। नवाज के मोबाइल से कई अहम जानकारी एटीएस के हाथ लगी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नवाज कम से कम आठ ऐसे लोगों के संपर्क में था जो उसे यूपी में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए प्रेरित कर रहे थे और फिदाईन तैयार करने के निर्देश दे रहे थे। एटीएस इन लोगों को भी इस केस में शामिल कर गिरफ्तार करेगी। आकिब के मोबाइल पर पाकिस्तान जिंदाबाद का स्क्रीन सेवर लगा है।

दिल्ली में भी रुका था नवाज
एटीएस के सूत्रों का दावा है कि नवाज कुछ दिन पहले दिल्ली भी गया था जहां एक दो दिन रुकने के बाद वापस आ गया था। वहां किन लोगों के संपर्क में रहा? कहां रुका, किससे किससे मिला और कहां कहां गया इसकी पड़ताल की जा रही है। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में मारे गए एक और आतंकी के साथ नवाज की तस्वीर मिली है। इस आतंकी का नाम जुबेर अहमद लोन है जो दो महीने पहले एनकाउंटर में मारा जा चुका है।


अनुवाद के लिए लगाए गए दो ट्रांसलेटर
वहीं एटीएस के सूत्रों का कहना है कि नवाज और आकिब के मोबाइल से भी वायस चैट मिले हैं उसमें अधिकतर कश्मीरी भाषा में हैं। ऐसे में इसका अनुवाद हिंदी में कराने के लिए दो ट्रांसलेटर को लगाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed