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Lucknow News: गले में फंसा गुब्बारा, मासूम की मौत
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लखनऊ। ठाकुरगंज में खेल-खेल में मासूम की जान चली गई। फुलाते वक्त फटा गुब्बारा ढाई साल के शिवांश के गले में फंस गया। सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। हालत देखकर ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि, यहां तक पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।
ठाकुरगंज में दौलतगंज के काशी विहार फूलमती मंदिर के पास रहने वाले कैटर्स विनय गुप्ता का बेटा शिवांश बुधवार दोपहर घर के बाहर गुब्बारे से खेल रहा था। फुलाते वक्त गुब्बारा फटकर उसके गले में फंस गया। इससे सांस लेने में तकलीफ होने पर शिवांश इधर-उधर दौड़ने के बाद गिर गया। उसकी आंखें पलट गईं। परिजन उसे कमरे में ले गए और गुब्बारे को निकालने की कोशिश की, पर सफल नहीं हुए।
शिवांश को पास के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और ट्रॉमा भेज दिया। यहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। विनय के दूसरे बेटे की उम्र चार माह है।
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बच्चों को चाइनीज खिलौने से दूर रखे
बलरामपुर अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. हिमांशु सिंह ने बताया कि सीटी, सिक्का निगलने की शिकायत के साथ बच्चे अकसर अस्पताल आते हैं। सांस की नली में फंसने पर मामला बेहद गंभीर हो जाता है। बच्चा सांस नहीं ले पा रहा और शरीर नीला पड़ रहा हो तो बिना देरी किए अस्पताल ले जाएं। चाइनीज के बजाय सिंगल पीस वाले खिलौने दें। कलाई की घड़ी में इस्तेमाल होने वाले सेल, सीटी और सिक्के बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
ठाकुरगंज में दौलतगंज के काशी विहार फूलमती मंदिर के पास रहने वाले कैटर्स विनय गुप्ता का बेटा शिवांश बुधवार दोपहर घर के बाहर गुब्बारे से खेल रहा था। फुलाते वक्त गुब्बारा फटकर उसके गले में फंस गया। इससे सांस लेने में तकलीफ होने पर शिवांश इधर-उधर दौड़ने के बाद गिर गया। उसकी आंखें पलट गईं। परिजन उसे कमरे में ले गए और गुब्बारे को निकालने की कोशिश की, पर सफल नहीं हुए।
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शिवांश को पास के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और ट्रॉमा भेज दिया। यहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। विनय के दूसरे बेटे की उम्र चार माह है।
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बच्चों को चाइनीज खिलौने से दूर रखे
बलरामपुर अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. हिमांशु सिंह ने बताया कि सीटी, सिक्का निगलने की शिकायत के साथ बच्चे अकसर अस्पताल आते हैं। सांस की नली में फंसने पर मामला बेहद गंभीर हो जाता है। बच्चा सांस नहीं ले पा रहा और शरीर नीला पड़ रहा हो तो बिना देरी किए अस्पताल ले जाएं। चाइनीज के बजाय सिंगल पीस वाले खिलौने दें। कलाई की घड़ी में इस्तेमाल होने वाले सेल, सीटी और सिक्के बच्चों की पहुंच से दूर रखें।