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हेलो राइड के निदेशक की पांच अलग-अलग मामलों में जमानत अर्जियां खारिज
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लखनऊ। लोगों से बाइक खरीदने और हजारों रुपये प्रति माह आय देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी हेलो राइड के निदेशक अभय कुमार कुशवाहा की अलग-अलग मुकदमों में दी गई पांच जमानत अर्जियों को भ्रष्टाचार निवारण की प्रभारी विशेष न्यायाधीश शालिनी सागर ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट में सरकारी वकील मनीष रावत ने आरोपी की सभी जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी अभय कुशवाहा हेलो राइड कंपनी का निदेशक है। कंपनी ने भोले-भाले लोगों से बाइक खरीदने के लिए धन का निवेश कराया और प्रति माह मोटा धन किराये के रूप में देने का वादा किया था। कंपनी के अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, आजम सिद्दीकी, निखिल कुशवाहा, समिल अहमद खान और ब्रोकर सरलेश सिंह शामिल हैं।
बताया गया कि कंपनी के झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने धन निवेश किया। कुछ लोगो को थोड़े समय के लिए प्रति माह धन मिला लेकिन बाद में पैसा मिलना बंद हो गया। पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि कंपनी का ऑफिस बंद है और आरोपी पैसा लेकर भाग गए हैं। सरकारी वकील ने बताया कि वादी अलंकार वर्मा, मुकेश राय, विजय तिवारी, सीताराम और श्याम सुंदर नागर ने विभूतिखंड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कोर्ट में सरकारी वकील मनीष रावत ने आरोपी की सभी जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी अभय कुशवाहा हेलो राइड कंपनी का निदेशक है। कंपनी ने भोले-भाले लोगों से बाइक खरीदने के लिए धन का निवेश कराया और प्रति माह मोटा धन किराये के रूप में देने का वादा किया था। कंपनी के अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, आजम सिद्दीकी, निखिल कुशवाहा, समिल अहमद खान और ब्रोकर सरलेश सिंह शामिल हैं।
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बताया गया कि कंपनी के झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने धन निवेश किया। कुछ लोगो को थोड़े समय के लिए प्रति माह धन मिला लेकिन बाद में पैसा मिलना बंद हो गया। पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि कंपनी का ऑफिस बंद है और आरोपी पैसा लेकर भाग गए हैं। सरकारी वकील ने बताया कि वादी अलंकार वर्मा, मुकेश राय, विजय तिवारी, सीताराम और श्याम सुंदर नागर ने विभूतिखंड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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