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बाहुबली अतीक अहमद के बेटे को लखनऊ के कारोबारी को अगवा करने के मामले में नहीं मिली अग्रिम जमानत
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लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। व्यवसायी को लखनऊ से अगवा कर देवरिया जेल ले जाने और उसके साथ मारपीट करने के मामले में शीर्ष अदालत ने उमर को राहत देने से इनकार कर दिया है। लखनऊ की एक अदालत ने 12 फरवरी को उमर के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उमर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उमर को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, जुलाई 2019 में समन जारी हुआ था। अब अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है, तब आप अग्रिम जमानत मांग रहे हैं। इस मामले में आपको कोई राहत नहीं दी जा सकती। पीठ ने कहा कि इस वजह से कई लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती।
उमर पर आरोप है कि 26 दिसंबर 2018 को उसने 25-30 बदमाशों के साथ कृष्णानगर थानाक्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा किया था। प्रयागराज निवासी माफिया अतीक अहमद के कहने पर उसके बेटे उमर व गुर्गे कारोबारी को देवरिया जेल की बैरक में ले जाकर बंधक बनाया। वहां उसकी पिटाई की गई। इसके बाद पिस्तौल सटाकर पांच कंपनियों को अपने करीबियों के नाम करवाया गया। जेल में पिटाई के दौरान मोहित से 45 करोड़ रुपये की जमीन के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करा लिए गए। उसे अधमरा कर लखनऊ में फेेंक दिया गया था। वारदात 26 दिसंबर 2018 की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें अतीक व उसके बेटे सहित कई लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मो. उमर फरार हो गया था। इनपुट : नई दिल्ली
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जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उमर को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, जुलाई 2019 में समन जारी हुआ था। अब अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है, तब आप अग्रिम जमानत मांग रहे हैं। इस मामले में आपको कोई राहत नहीं दी जा सकती। पीठ ने कहा कि इस वजह से कई लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती।
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उमर पर आरोप है कि 26 दिसंबर 2018 को उसने 25-30 बदमाशों के साथ कृष्णानगर थानाक्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा किया था। प्रयागराज निवासी माफिया अतीक अहमद के कहने पर उसके बेटे उमर व गुर्गे कारोबारी को देवरिया जेल की बैरक में ले जाकर बंधक बनाया। वहां उसकी पिटाई की गई। इसके बाद पिस्तौल सटाकर पांच कंपनियों को अपने करीबियों के नाम करवाया गया। जेल में पिटाई के दौरान मोहित से 45 करोड़ रुपये की जमीन के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करा लिए गए। उसे अधमरा कर लखनऊ में फेेंक दिया गया था। वारदात 26 दिसंबर 2018 की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें अतीक व उसके बेटे सहित कई लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मो. उमर फरार हो गया था। इनपुट : नई दिल्ली
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