{"_id":"61995d9bc9b5610a0027096c","slug":"bail-application-dismissed-in-case-of-murder-lucknow-news-lko605360134","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकील के पति की हत्या में किशोर की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकील के पति की हत्या में किशोर की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। साथियों के साथ मिलकर वकील के पति की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या और जानलेवा हमला करने के आरोपी किशोर अपचारी की जमानत अर्जी को खारिज करने के किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज हो गई। एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने किशोर अपचारी को जमानत देने से इनकार करते हुए किशोर बोर्ड के आदेशों का समर्थन किया है। वादिनी कविता मिश्र ने पीजीआई थाने में 20 दिसम्बर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें किशोर अपचारी समेत अन्य को नामजद किया था
पति को खुदकुशी के लिए मजबूर करने में जमानत नहीं
लखनऊ। अवैध संबंधों के चलते पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की आरोपी उनकी पत्नी कुमुद सिंह की जमानत अर्जी सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मीना श्रीवास्तव ने खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट वादी राम शुक्ल ने 26 अक्तूबर 2021 को थाना सुशांत गोल्फ सिटी में कुमुद सिंह, उसकी बहन के बेटे अपूर्व सिंह उर्फ शुभम व अन्य के विरुद्ध दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतक अभिषेक शुक्ला ने वर्ष 2010 कुमुद सिंह से प्रेम विवाह किया था।
बहस के दौरान कहा गया कि लखनऊ आने पर उसने अपनी बहन के लड़के अपूर्व सिंह उर्फ शुभम और लड़की कशिश सिंह को अपने साथ रख लिया था। यह भी आरोप है कि अपूर्व सिंह एवं कुमुद सिंह मिलकर साजिश के तहत सारी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर रहे थे। इसके अलावा कुमुद सिंह का अपूर्व सिंह से अवैध संबंध हो गया था और दोनों को अभिषेक शुक्ला ने आपत्ति जनक स्थित में देखा था तथा लड़ाई होने पर अभियुक्ता ने अपने पति से कहा था कि अगर यह तुमको बर्दाश्त नहीं है तो आत्महत्या कर लो।अदालत ने कहा है कि अभियोजन की ओर से उठाए गए तर्को में बल मिलता है तथा मृतक ने इसी आशंका को लेकर अपनी सम्पूर्ण संपत्ति की वसीयत अपनी माता के नाम कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पति को खुदकुशी के लिए मजबूर करने में जमानत नहीं
लखनऊ। अवैध संबंधों के चलते पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की आरोपी उनकी पत्नी कुमुद सिंह की जमानत अर्जी सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मीना श्रीवास्तव ने खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट वादी राम शुक्ल ने 26 अक्तूबर 2021 को थाना सुशांत गोल्फ सिटी में कुमुद सिंह, उसकी बहन के बेटे अपूर्व सिंह उर्फ शुभम व अन्य के विरुद्ध दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतक अभिषेक शुक्ला ने वर्ष 2010 कुमुद सिंह से प्रेम विवाह किया था।
विज्ञापन
बहस के दौरान कहा गया कि लखनऊ आने पर उसने अपनी बहन के लड़के अपूर्व सिंह उर्फ शुभम और लड़की कशिश सिंह को अपने साथ रख लिया था। यह भी आरोप है कि अपूर्व सिंह एवं कुमुद सिंह मिलकर साजिश के तहत सारी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर रहे थे। इसके अलावा कुमुद सिंह का अपूर्व सिंह से अवैध संबंध हो गया था और दोनों को अभिषेक शुक्ला ने आपत्ति जनक स्थित में देखा था तथा लड़ाई होने पर अभियुक्ता ने अपने पति से कहा था कि अगर यह तुमको बर्दाश्त नहीं है तो आत्महत्या कर लो।अदालत ने कहा है कि अभियोजन की ओर से उठाए गए तर्को में बल मिलता है तथा मृतक ने इसी आशंका को लेकर अपनी सम्पूर्ण संपत्ति की वसीयत अपनी माता के नाम कर दिया था।
विज्ञापन