बहराइच: साथी के बिछड़ने से और भी घातक हुए भेड़िए, एक लंगड़ा भेड़िया बढ़ा रहा है सबसे ज्यादा दहशत
Wolf terror in UP: बहराइच में दो भेड़िए अब भी बचे हुए हैं। जानकार बताते हैं कि बदला लेने की प्रवृति रखने वाले यह भेड़िए अब ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं।
विस्तार
बहराइच जिले के थाना क्षेत्र हरदी में बृहस्पतिवार को तीन भेड़ियों में से एक को पकड़ लिया गया, वह नर है। इसके बाद वन विभाग जहां राहत की सांस ले रहा है तो वहीं जानकार अब हमले और तेज होने व बाकी दो भेड़ियों को जल्द पकड़ने की बात कह रहे हैं। बाकी बचे दो भेड़ियों में से एक लंगड़ा है जिसके ज्यादा आक्रामक होने की बात कही जा रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। वहीं प्रभावित इलाके में पुलिस व पीएसी का पहरा भी बढ़ा दिया गया है।
हरदी थाना क्षेत्र के 32 गांवों में खूनी खेल खेलने के बाद भेड़ियों ने अपने हमले का दायरा बढ़ा लिया है। भेड़िये खैरीघाट थाना क्षेत्र के दीवानपुरवा निवासी अयांश को जहां निवाला बना चुके हैं तो वहीं काजल व तीन बच्चों को भी जख्मी कर दिए हैं। हमले का दायरा बढ़कर 50 गांवों तक व प्रभावित आबादी 80 हजार के पार पहुंच चुकी है। यही नहीं भेड़ियों के नानपारा तहसील क्षेत्र के गांवों में भी पहुंचने की बात कही जा रही है। इसे लेकर बुधवार को विधायक नानपारा रामनिवास वर्मा की मौजूदगी में शिवपुर ब्लॉक में आपात बैठक की जा चुकी है। बैठक के बाद शिवपुर विकासखंड क्षेत्र के गांवों में भी सतर्कता के साथ गश्ती शुरू हो गई है।
भेड़ियों को पकड़ने की टीम में शामिल एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भेड़िये कुनबे में रहते हैं। बृहस्पतिवार को एक भेड़िये के पकड़े जाने के बाद बाकी दो भेड़िये और आक्रामक हो सकते हैं। साथी की तलाश व उसकी गंध का पीछा करते हुए गांवों में दस्तक दे सकते हैं।इसे देखते हुए अभियान तेज कर दिया गया और जल्द से जल्द बाकी दोनों भेड़ियों को पकड़ने की तैयारी है। वहीं अपर मुख्य वन संरक्षक रेनू सिंह का कहना है कि टीमें सक्रिय हैं। अन्य दो भेड़िये भी जल्द पकड़ लिए जाएंगे।
30 किलोमीटर तक हमला करने में माहिर
सेवानिवृत्त डीएफओ कतर्नियाघाट ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़िया कुत्ता प्रजाति का सदस्य होता है। वहीं इसकी सूंघने व रेकी करने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। यह 20 किलोमीटर तक शिकार करने में सक्षम होता है जो इसे और घातक बनाता है। उन्होंने बताया कि भेड़िये झुंड में रहते हैं और झुंड के सदस्यों के प्रति संवेदनशील भी होते हैं। हर झुंड का एक मुखिया होता है और अन्य सदस्य इसी के अनुसार चलते हैं। ऐसे में हमले कर रहे भेड़ियों के समूह में से जब तक ट्रैपिंग कैमरे से मुखिया का चिह्नांकन कर उसे पकड़ नहीं लिया जाता, हमले जारी रहेंगे।
खैरीघाट में दिखा भेड़िया, दहशत
भेड़िये को पकड़ने के लिए प्रशासन जीतोड़ मेहनत कर रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी समेत अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। हरिबक्शपुरवा के निकट कछार में बृहस्पतिवार को एक भेड़िया पकड़ा गया जबकि दो के अभी सक्रिय होने की बात कही जा रही है। वन विभाग भेड़ियों के मुखिया की तलाश में जुटा है। वहीं खैरीघाट थाना क्षेत्र में भेड़िया दिखने से लोगों में दहशत बढ़ने लगी है। जिन गांवों में भेड़ियों की दहशत है, उन गांवों में पंचायत, विकास, पुलिस, राजस्व व वन समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी रात-दिन गश्त कर रहे हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। अभी तक चार भेड़िये पकड़े भी जा चुके हैं। बावजूद इसके क्षेत्र में दहशत बरकरार है।
भेड़िया प्रभावित गांवों में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि भेड़ियों के हमले से नौ लोगो की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 35 से अधिक लोग जख्मी हो चुके है। भेड़ियों की चालाकी वन विभाग को छका रही है। वन कर्मियों का मानना है कि अगर भेड़ियों का मुखिया पकड़ में आ जाए तो हमले होने की आशंका बिल्कुल कम हो जाएगी।
भेड़िये को बचाए जाने की अपील
टीमों का अभियान जारी
जिले के भेड़िया प्रभावित इलाकों में वन समेत अन्य विभागों की टीमों का सर्च अभियान लगातार जारी है। चार भेड़िये पकड़े जा चुके हैं। उम्मीद है कि अन्य भी जल्द पकड़ लिए जाएंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी तैनात है। लोगों को भेड़ियों से बचाने के लिए अफसरों की टीमें जागरूक कर रही हैं।-मोनिका रानी, डीएम
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