बहराइच हिंसा: 12 कंपनी पीएसी, दो सीआरपीएफ, आरआरएफ व चार वरिष्ठ आईपीएस तैनात, इंटरनेट अभी भी बंद
Bahraich violence:बहराइच हिंसा के बाद हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा अभी तक बंद है। सूत्रों के अनुसार शनिवार से इंटरनेट सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंसा प्रभावित महाराजगंज कस्बे और उसके आस-पास हालात बुधवार को सामान्य होते दिखे। हालांकि लगातार तीसरे दिन भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं। दो दिनों तक किसी तरह लोगों ने बिना नेट के काम चलाया। लेकिन तीसरे दिन इंटरनेट से अपने आपको रोक नहीं सके। सैकड़ों की संख्या में बहराइच के युवा गोंडा, बाराबंकी, श्रावस्ती, सीतापुर के रेउसा, लखीमपुर सीमा पार कर हित मित्रों के साथ पहुंचे और नेट चलाया।
शहर निवासी कृष्णा, शिवम, अभिषेक ने बताया कि वे लोग ऑनलाइन का कार्य करते हैं। नेट बंद होने की वजह से कारोबार प्रभावित हो गया है।
अभी दो दिन इंटरनेट सेवा बहाल होने पर संशय
हत्याकांड के बाद शुरु हुई आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं पर काबू पाने के लिए पूरे जिले में इंटरनेट सेवाएं बीते तीन दिनों से बैन हैं। वहीं विभागीय सूत्रों की माने तो अगले दो दिनों तक इंटरनेट सेवाएं बहाल होने पर संशय है। शनिवार से इंटरनेट सेवाएं बहाल होने की बात कही जा रही है।
12 कंपनी पीएसी, दो सीआरपीएफ, आरआरएफ व चार वरिष्ठ आईपीएस तैनात
महराजगंज कस्बे में स्थिति सामान्य होने के बाद भी अभी शासन की ओर से सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं की जा रही है। क्षेत्र में अभी भी 12 कंपनी पीएसी, दो सीआरपीएफ, आरआरएफ व चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती है। साथ ही जिले के सभी आला अधिकारी भी जगह-जगह तैनात हैं और हर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
महराजगंज कस्बे में पूंछतांछ के बाद मिल रही इंट्री
महराजगंज कस्बे में चप्पे-चप्पे व हर रास्ते पर पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं कोई अराजक तत्व अमन चैन में खलल न डाले इसका भी खासा ध्यान रखा जा रहा है। कस्बे में प्रवेश करने वाले हर वाहन की जांच व उसमें सवार लोगों से पूंछतांछ की जा रही है। बाहरी लोगों को प्रवेश नही दिया जा रहा है।