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भेड़ियों का आतंक: प्रभारी मंत्री ने अफसरों के साथ की बैठक, हमलों से सुरक्षा के लिए की गई तैयारियों पर की चर्चा

Thu, 29 Aug 2024 05:05 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Published by: ishwar ashish Updated Thu, 29 Aug 2024 05:05 PM IST
सार

यूपी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बहराइच में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक कर भेड़िये के हमले से बचाव के लिए की गई सुरक्षा की तैयारियों का जायजा लिया।

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Bahraich: UP minister review meeting about safety from wolf attack.
बैठक में मौजूद प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बहराइच जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने जिले में पहुंचकर एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी व विधायक नानपारा राम निवास वर्मा की मौजूदगी में जिलाधिकारी मोनिका रानी, पुलिस अधीक्षक बृन्दा त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी राघवेन्द्र द्विवेदी, एसडीओ वन नानपारा अशोक कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ तहसील महसी अन्तर्गत हिंसक वन्यजीवों के कारण उत्पन्न परिस्थियों के दृष्टिगत स्थानीय ग्रामवासियों की प्रभावी सुरक्षा के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की।

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बैठक के दौरान डीएम मोनिका रानी ने बताया कि हिंसक भेड़िया के हमले से प्रभावित क्षेत्रों में क्रिटिकल गैप योजना के अन्तर्गत 40 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाईट तथा 10 स्थानों पर सोलर हाईमास्ट लाईट की स्थापना उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा स्वीकृत दरों एवं मानक के आधार पर कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को शौच के लिए घर से बाहर न जाना पड़े इसके लिए पंचायती राज विभाग के माध्यम से शौचालय विहीन घरों को स्वच्छ शौचालय योजना से आच्छादित किया जा रहा है। दरवाजाविहीन घरों में बहराइच वन प्रभाग के सहयोग से दरवाजे लगवाये जा रहे हैं ताकि कोई भी जीव बेरोक टोक घरों में प्रवेश न कर सके।
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प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत वाहनों पर ध्वनिविस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को सुरक्षा अपनाने, बाहर न सोने की बाबत आगाह किया जा रहा है। हिंसक भेडिया के हमले से प्रभावित क्षेत्रों में प्रभाग एवं उच्च स्तर से गठित गश्ती दलों द्वारा राउण्ड-द-क्लाक गश्त कर चौकसी की जा रही है। गश्ती दल डोर-टू-डोर जाकर लोगों को सावधानी बरतने का सुझाव दे रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय नागरिक भी टोलियां बनाकर निगरानी कर रहे हैं। हिंसक जानवरों को मानव बस्ती से दूर रखने के लिए पटाखों का भी सहारा लिया जा रहा है।

डीएम ने बताया कि हिंसक भेड़ियों की सही लोकेशन जानने हेतु गश्ती दलों द्वारा फुटप्रिन्ट खोजने के साथ-साथ आसमानों से भी ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन कैमरों के माध्यम से सर्च आपरेशन संचालित किया जा रहा है। ग्रामवासियों का व्हाट्सएस ग्रुप बनाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशील स्थलों पर आठ ट्रैपिंग कैमरों के साथ-साथ सभी संभावित स्थानों पर पिजड़े भी लगाये गये हैं। वन विभाग की सक्रियता एवं अथक प्रयास के फलस्वरूप एक माह के अन्दर चार भेड़ियों को पकड़ा भी जा चुका है साथ ही हिंसक भेड़ियो के हमले से हुई जनहानि के फलस्वरूप पांच मृतकों के हिताधिकारियों के खातों में अहैतुक सहायता (जनहानि) के रूप में पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता भेजी जा चुकी है।


डीएम ने बताया कि हिंसक वन्य जीव भेड़िया के हमलों पर प्रभावी अकंश के उद्देश्य से क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, सचिवों, कोटेदारों, रोजगार सेवकों व अन्य के साथ आयोजित बैठक के दौरान ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि अपने-अपने ग्राम पंचायतों में टोलियों का गठन कर उनसे तीन से चार घंटे की शिफ्टों में पहरेदारी कराई जाए। ग्राम प्रधान ग्रामवासियों को इस बात के लिए जागरूक करें कि खुले स्थानों विशेषकर खेतों से सटे हुए क्षेत्रों में एवं खुले स्थान पर न सोएं तथा अपने बच्चों को बाहर कदापि न सोने दें।

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