फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Bahraich: Ehsaas, the mysterious ‘Mowgli Girl’ of Katarniaghat, passes away at 18; true identity remains unsol

UP: एकेटीयू ने जारी की नई नीति, असाइनमेंट-शोध में बिना अनुमति एआई के प्रयोग पर सख्त कार्रवाई; जानें पूरी डिटेल

Sat, 20 Jun 2026 10:57 AM IST
Akash Dwivedi अक्षय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 20 Jun 2026 10:57 AM IST
सार

प्राविधिक विश्वविद्यालय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को लेकर नई नीति का मसौदा जारी किया है। पढ़ाई, शोध और असाइनमेंट में इसके प्रयोग के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। बिना अनुमति या जानकारी दिए उपयोग करने पर चेतावनी, अंक कटौती, परिणाम निरस्त होने और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

विज्ञापन
Bahraich: Ehsaas, the mysterious ‘Mowgli Girl’ of Katarniaghat, passes away at 18; true identity remains unsol
एकेटीयू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने एक तरफ जहां लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाई हैं, वहीं कई जगहों पर चुनौती भी बन रही है। छात्र इसका धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। किंतु पढ़ाई से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों, शोध, थीसिस तैयार करने, असाइनमेंट आदि में इसका असीमित प्रयोग सही नहीं है। इसके मद्देनजर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) एआई नीति लेकर आया है।

विज्ञापन


विवि ने इसे सार्वजनिक करते हुए सभी संबंधितों से सुझाव मांगा है। बाद में इसे समाहित करते हुए वह एआई नीति को लागू किया जाएगा। विवि ने कहा है कि इसका उद्देश्य एआई के लाभ को अधिकतम करना और पूर्वाग्रह व अकादमिक कदाचार को रोकना है। एआई नीति में कहा गया है कि छात्र किसी विषय पर विचार मंथन, व्याकरण सुधार व अभ्यास प्रश्न पत्र तैयार करने में एआई का प्रयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन


वहीं, असाइनमेंट के हिस्से ड्राफ्ट करने, प्रोजेक्ट कोड जनरेट करने या डाटा विश्लेषण के लिए एआई प्रयोग की शिक्षक से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, बिना बताए एआई कंटेंट को मूल रूप में जमा करने, परीक्षा में एआई के प्रयोग और विवि की गोपनीय सामग्री या परीक्षा प्रश्नों को सार्वजनिक एआई टूल में डालना वर्जित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि एआई नीति के अनुसार शोध में एआई का प्रयोग हमेशा मानवीय निगरानी और आलोचनात्मक विश्लेषण के साथ होना चाहिए। यदि साहित्य समीक्षा, डाटा विश्लेषण, कोड जनरेशन या पांडुलिपि तैयार करने में एआई टूल्स का प्रयोग किया गया है तो इसका स्पष्ट उल्लेख रिसर्च आउटपुट के मेथड्स या एक्नॉलेजमेंट में करना अनिवार्य होगा। कॉलेजों से सुझाव लेकर इस नीति को और बेहतर बनाया जाएगा।

एआई को लेखक नहीं बना सकते

विवि ने स्पष्ट किया है कि शोध में एआई का प्रयोग डाटा विश्लेषण और साहित्य समीक्षा के लिए किया जा सकता है। किंतु एआई को शोध पत्र के लेखक के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता है। यानी पूरा कंटेंट नहीं दिया जा सकता है। शोध में एआई के प्रयोग का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर और आगे जांच में पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

दंड का भी प्रावधान किया गया

विवि की एआई नीति में दंड का भी प्रावधान किया गया है। इसमें पहली बार पकड़े जाने पर लिखित चेतावनी दी जाएगी। डाटा जालसाजी या परीक्षा में दुरुपयोग के मामले में संबंधित विषय में एफ ग्रेड और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जबकि व्यवस्थित धोखाधड़ी या थीसिस में बिना बताए प्रयोग करने पर परिणाम और डिग्री रद्द करने का भी प्रावधान होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed