फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bad weather hit mango crop

आंधी उड़ा ले गई आम उत्पादकों के 100 करोड़

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 03:28 AM IST
विज्ञापन
bad weather hit mango crop
लखनऊ। यूं तो राजधानी में आम की फसल को खराब मौसम पहले ही काफी नुकसान पहुंचा चुका था, रही सही कसर रविवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने पूरी कर दी। हालत यह रही कि रविवार को बागों में इतना आम टूटकर गिरा कि उन्हें बीनने में रात से सुबह हो गई। सोमवार सुबह से टूटे हुए आम बीनने में जुटे लोग शाम तक इसी काम में जुटे रहे। मौसम की मार से आहत बागवानों का कहना है कि तकरीबन 70 फीसदी फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। जो 30 फीसदी फसल बची थी, उसमें से भी 25 फीसदी फसल रविवार को आए तूफान की भेंट चढ़ गई। एक अनुमान के अनुसार, जो फसल रविवार को नष्ट हुई है, अगर यही आम तैयार होकर बाजार में बिकता तो उसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये होती। सोमवार भोर से ही बोरियों में आम भरवाने में जुटे आम उत्पादक परवेज खान कहते हैं कि 50 से अधिक बोरे आम तो मैं अब तक भरवा चुका हूं। खड़ी फसल थी, आम की जाली अभी परिपक्व नहीं हुई थी। जो आम दो हफ्ते बाद बाजार की शोभा बढ़ाता, अब वही सिर्फ चटनी और गलके बनाने के काम आ पाएगा। बागवान संजय सिंह कहते हैं कि कई पेड़ तो जड़ से उखड़ गए। जो फसल बची थी उसकी 25 फीसदी नष्ट हो गई। आम उत्पादक एससी शुक्ला कहते हैं कि पहले ही 70 फीसली फसल नष्ट हो चुकी थी। रही सही कसर इस आंधी ने पूरी कर दी। सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। 19 मई को भी आंधी के आसार बताए जा रहे हैं। देखिए क्या लिखा है आम उत्पादकों की किस्मत में।
विज्ञापन
अब तक का सबसे बड़ा नुकसान मैंगो ग्रोवर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंसराम अली कहते हैं कि यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है। आंधी में जितना आम गिरा वह जब तैयार होकर मंडी पहुंचता तो कम से कम उसकी कीमत 100 करोड़ रुपये होती।
विज्ञापन
सही आकलन दो दिन बाद निदेशक- राजकीय संतत उद्यान राजीव कुमार वर्मा का कहना है कि आम फल पट्टी क्षेत्र में आंधी से बहुत नुकसान हुआ है। इसका डोर-टू-डोर जाकर आकलन किया जा रहा है। नुकसान 100 करोड़ से अधिक या उससे कम भी हो सकता है लेकिन सही आकलन दो दिन बाद ही सामने आ सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस तरह मौसम ने बरपाया कहर आम उत्पादक संजय सिंह व परवेज खान कहते हैं कि जनवरी-फरवरी में ठंड के चलते बौर कम निकला। फसल लेट हुई। इसके बाद मार्च के दूसरे सप्ताह में बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया। यह वह समय था जब आम सेट हो रहा था। इसके बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में चली पछुआ हवा ने नुकसान पहुंचाया। बौर में सेट हो चुके आम को हवा ने सुखाकर गिरा दिया। अभी कुछ संभलता तो पांच मई को आई आंधी और ओलावृष्टि ने उम्मीदों पर कुठाराघात किया। 10 मई की आंधी ने तो कई बाग ही साफ कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed