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Lucknow News: बिगड़ी जीवनशैली, कम उम्र में दिल का रोग

Fri, 29 Sep 2023 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 29 Sep 2023 12:03 AM IST
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Bad lifestyle, heart disease at an early age
विश्व हृदय रोग दिवस पर विशेष
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केस एक
लखनऊ से मशीन मंगवा की जटिल सर्जरी
एम्स में कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित गुप्ता ने जिले के हृदय रोगी बनवारी लाल की ओपीडी में आने के बाद जांच कराई तो किडनी खराब होने से क्रैटनन बढ़ा मिला। दोनों नाड़ी भी बंद हो चुकी थीं। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि हार्ट की सर्जरी आसान नहीं थी। डॉक्टर ने लखनऊ से मशीन मंगवाकर सर्जरी की और मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है।

हार्ट की सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ
बछरावां क्षेत्र के हार्ट रोगी अंबिका प्रसाद एम्स की ओपीडी में पहुंचे तो हार्ट काम करना बंद कर दिया। हार्ट काम करना बंद होने के साथ ही खतरा भी बढ़ गया था। पहले 15 दिन तक मरीज को भर्ती करके एम्स में कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित गुप्ता ने परीक्षण किया। बाद में सर्जरी करके हार्ट के ब्लॉक को खोला। अब मरीज स्वस्थ है। उसे ज्यादा दिक्कत नहीं है।लखनऊ से मशीन मंगवा की जटिल सर्जरी
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एम्स में कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित गुप्ता ने जिले के हृदय रोगी बनवारी लाल की ओपीडी में आने के बाद जांच कराई तो किडनी खराब होने से क्रैटनन बढ़ा मिला। दोनों नाड़ी भी बंद हो चुकी थीं। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि हार्ट की सर्जरी आसान नहीं थी। डॉक्टर ने लखनऊ से मशीन मंगवाकर सर्जरी की और मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है।
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हार्ट की सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ
बछरावां क्षेत्र के हार्ट रोगी अंबिका प्रसाद एम्स की ओपीडी में पहुंचे तो हार्ट काम करना बंद कर दिया। हार्ट काम करना बंद होने के साथ ही खतरा भी बढ़ गया था। पहले 15 दिन तक मरीज को भर्ती करके एम्स में कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित गुप्ता ने परीक्षण किया। बाद में सर्जरी करके हार्ट के ब्लॉक को खोला। अब मरीज स्वस्थ है। उसे ज्यादा दिक्कत नहीं है।
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। बदलती लाइफ स्टाइल, जंक फूड, टेंशन हार्ट को कमजोर कर रहा है। जिले में लगातार मरीज भी बढ़ रहे हैं। एम्स की ओपीडी में डेढ़ से 200 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इसमें तमाम मरीज 30 साल से कम उम्र के आ रहे हैं।
अब तक जिले में दिल के रोगियों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन एम्स में कैथलैब व अत्याधुनिक मशीनों के स्थापित होने के बाद महज एक साल में 600 हार्ट रोगियों की सर्जरी हो गई है।
अब मरीजों को एसजीपीजीआई व अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। एम्स में कई ऐसे हार्ट रोगियों की भी सर्जरी करके मरीजों को ठीक किया गया, जिनके हार्ट के रिकवर होने की उम्मीद तक टूट चुकी थी। एम्स में लोगों को हार्ट की समस्या से बचने के लिए शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा।इनसेट
चिंता, तनाव, काम के बोझ से बच लाइफ स्टाइल सुधारें: डॉ. अंकित
एम्स के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित गुप्ता का कहना है कि हॉर्ट के रोगियों के बढ़ने का प्रमुख कारण चिंता, तनाव के साथ ही अनावश्यक काम का बोझ है। अपने खानपान को भी सुधारें। शारीरिक श्रम तो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। बदलती लाइफ स्टाइल, जंक फूड और धूम्रपान की ओर युवा पीढ़ी का झुकाव खतरा बढ़ा रहा है। इसको लेकर सभी को जागरूक होना होगा।


छाती में दर्द, सांस तेज व पसीना आए तो जांच कराएं: डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि छाती में बाईं ओर या छाती के बीच में दर्द या दबाव महसूस होना, सांस तेज चलना, पसीना आना, छाती में दर्द के साथ पेट में जलन, पेट भारी लगना, उल्टी होना और शारीरिक कमजोरी महसूस होना, घबराहट और बेचैनी महसूस करना हृदय रोग के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसा होने पर तुरंत जांच कराएं।
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