बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: ये है सीधे लड़कों के शूटर बनने की कहानी, गांव वालों को अभी भी नहीं हो रहा विश्वास
Baba Siddiqui massacre: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी बहराइच के जिस गांव के हैं वहां आरोपियों और उनके परिवार को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं।
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ग्लैमर की दुनिया अक्सर अंदर से खोखली होती है। जल्द अमीर बनने की चाहत एक ऐसा दलदल होता है जिसमें अंजाने में कब युवा फंस जाते हैं उनको पता ही नहीं चलता। मुंबई के हाई प्रोफाइल बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पकड़े गए दो मुख्य शूटर समेत सात अपराधी बहराइच जिले के हैं। इनके गांव के लोग बताते हैं कि यह सभी युवक बहुत ही सीधे थे लेकिन महंगे शौक पूरे करने व कम समय में अमीर बनने के सपने ने इनको अपराध के दलदल में ढकेल दिया। विवादों से नाता इनका नहीं रहा है। ये पेट पालने के लिए दूसरे शहरों को नौकरी करने गए और फिर वहीं पर लारेंस विश्नोई गैंग के संपर्क में आ गए।
कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र का गंडारा गांव प्रदेश से लेकर पूरे देश में आजकल सुर्खियों में है। बाबा सिद्वीकी हत्याकांड में अब तक पकड़े गए गंडारा गांव के आरोपियों में दो मुख्य शूटर शिवा उर्फ शिवकुमार व धर्मराज कश्यप समेत अनुराग, ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, अखिलेश प्रताप सिंह, आकाश श्रीवास्तव शामिल हैं। बताया जाता है कि इनमें से कुछ तो दोस्ती के चक्कर में फंस गए। धर्मराज व शिवा जब महाराष्ट्र में नौकरी करने गए थे तभी वहां वह लारेंस गैंग के संपर्क में आए थे। सूत्र बताते है कि यह जब मुंबई से घर आते थे तो वहां की चकाचौंध भरी जिंदगी के बारे में अपने गांव के साथियों से बात करते थे। मुंबई की आबोहवा के चलते ही धर्मराज व शिवा को महंगे शौक करने के साथ जल्दी अमीर बनने का भूत सवार हुआ तो इसी का फायदा उठाते हुए लारेंस गैंग के सदस्यों ने इनको अपनी टीम में शामिल कर इनका इस्तेमाल कर डाला। अब इन दो युवाओं की वजह से गांव के चार अन्य युवा इनको संरक्षण देने के आरोप में सजा काटेंगे। हालांकि गांव के ज्यादातर लोगों का कहना है कि यह सभी लड़के शांत स्वभाव के थे। इनका किसी से विवाद नहीं होता था।
दुबई टूर, फ्लैट व कार लेने की बताई थी बात
गंडारा गांव के रहने वाले कई लोगों ने बताया कि शिवा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था। शिवा ने अपने साथियों से बातचीत में भी बताया था कि वह जल्द ही दुबई घूमने जाएगा। इसके साथ ही किसी बड़े शहर में फ्लैट और कार भी लेगा। शिवा की बातों में उसके साथी भी आए और उससे नजदीकी बढ़ाते चले गए। इसका नतीजा आज सबके सामने है।
जल्दी अमीर बनने की चाहत में अपराधी बन रहे युवा
जल्द अमीर बनने की चाहत में आजकल के युवा कब अपराध के दलदल में चले जाते हैं उनको पता ही नहीं चलता है। कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के गंडारा गांव के युवा भी इसी तरह लारेंस विश्नोई गैंग के चक्कर में पड़ गए। ऐसे में युवाओं को काफी समझदारी से काम करते हुए अपनी मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए और ऐसे नेटवर्क से सदा सतर्क रहना चाहिए।- बीके सिंह, पुलिस विभाग के रिटायर्ड इंस्पेक्टर