शिक्षामित्रों को मिला आश्वासन तो बीएड व बीटीसी वाले भड़के
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हाईकोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों के आंदोलन, फिर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिले सकारात्मक आश्वासन से नाराज यूपी के चार लाख 85 हजार बीएड, बीटीसी डिग्रीधारियों ने अब मोर्चा खोल दिया है।
इन सबने गांधी जयंती (दो अक्तूबर) पर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
इसमें 50 हजार बीएड, बीटीसी डिग्रीधारियों के शामिल होने की उम्मीद है। प्रदर्शन चार अक्तूबर तक चलेगा।
शिक्षामित्रों के लिए हुए बदलाव तो घातक होंगे परिणाम
सरकार से नाराज बीएड, बीटीसी डिग्रीधारियों ने उत्तर प्रदेश टीईटी संघर्ष मोर्चा का गठन किया। इसका प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु राणा और महामंत्री दुर्गेश प्रताप सिंह को बनाया गया है।
कानपुर के सुशील पाल संरक्षक हैं। संजय मिश्रा को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इन सबका कहना है कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की नियमावली के हिसाब से शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए।
शिक्षामित्रों के पक्ष में नियुक्ति की अर्हता बदलने की कोशिश हुई तो परिणाम घातक होगा। लाखों डिग्रीधारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिल गई है।