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10 हजार बीएड दाखिलों पर खारिज होने का मंडराया संकट

Tue, 01 Aug 2017 11:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 01 Aug 2017 11:05 AM IST
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B. Ed admission can be canceled
बीएड - फोटो : file photo

डिग्री कॉलेजों में सीधे एडमिशन से भरे गए 10 हजार बीएड दाखिलों पर खारिज होने का संकट मंडरा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने सीट खाली बचने पर डिग्री कॉलेजों को 15 जुलाई तक सीधे दाखिले करके इसकी सूचना ई-मेल के जरिये मांगी थी। बहुत से कॉलेजों ने 16 जुलाई के बाद सूचना भेजी है।

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तय समय के बाद सूचना देने पर विवि ने आपत्ति जताई है। डिग्री कॉलेज के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में सोमवार को कुलसचिव से मुलाकात की। इन दाखिलों पर मंगलवार को होने वाली बैठक में फैसला किया जाएगा
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीएड के दाखिलों में होने वाली देरी को देखते हुए अंतिम तारीख निर्धारित की है। इसके अनुसार 15 जुलाई के बाद दाखिले नहीं हो सकते। लविवि ने इस साल संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था।
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काउंसलिंग के माध्यम से सीटें न भर पाने की वजह से सीधे दाखिले से एडमिशन लेने को मंजूरी दी गई थी। प्रदेश भर के डिग्री कॉलेजों में 53 हजार सीटें खाली बच गई थीं। इसे भरने के लिए कॉलेजों को 12 जुलाई को सूचना दी गई थी। इसके अनुसार उन्हें समाचार पत्र में विज्ञापन जारी करके 15 जुलाई के भीतर दाखिले करने थे।


तीन दिनों में दाखिले करके उसकी सूची ई-मेल से भेजनी थी क्योंकि इस पर अंतिम मुहर मुख्य कार्यालय से ही लगाई जानी है। इसके बाद ही दाखिले अंतिम माने जाएंगे। कॉलेजों को केवल उन अभ्यर्थियों के ही नाम भेजने थे जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हों और उन्हें अब तक सीट का आवंटन न हुआ हो। सत्यापन न होने पर दाखिले मान्य नहीं होंगे। फिलहाल करीब 10 हजार दाखिले ऐसे हैं जो सत्यापन न हो पाने की वजह से फंस सकते हैं।

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