100 रुपये में आजम को दी बेशकीमती जमीन!
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प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां को रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान दे दिया है। यह सरकारी शोध संस्थान 100 रुपये सालाना की लीज पर 30 वर्ष के लिए आजम खां के ट्रस्ट को दिया गया है।
यूं तो प्रदेश सरकार ने आजम खां को रामपुर में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाने के लिए उन्हें यह शोध संस्थान रिटर्न गिफ्ट के रूप में देने का निर्णय ले लिया था।
प्रदेश सरकार ने शोध संस्थान के बेशकीमती भवन व जमीन देने का फैसला कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए 20 नवंबर को ही कर दिया था। लेकिन उस समय इसकी लीज रेंट तय नहीं हुआ था। बाद में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने विभागीय मंत्री को खुश करने के लिए 100 रुपये सालाना लीज रेंट तय कर दिया।
मुख्यमंत्री ने भी इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। ‘अमर उजाला’ ने 31 जनवरी को ही ‘आजम के ट्रस्ट को महज 100 रुपये में मिलेगा सरकारी शोध संस्थान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर सरकार की मंशा का खुलासा कर दिया था। अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के सचिव एसपी सिंह ने एमओयू के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ), रामपुर को अधिकृत किया था।
बेहद आलीशान और शहर के बीच स्थित है जमीन
प्रदेश सरकार का आदेश आने के बाद रामपुर के डीएमओ आरपी सिंह ने शोध संस्थान लीज पर आजम के ट्रस्ट को देने के लिए करार पर दस्तखत किए। इसके साथ ही शहर के बीचोबीच 1500 वर्ग गज में स्थित यह बेशकीमती जमीन व भवन अब आजम खां के ट्रस्ट के अधीन आ गया है।
शोध संस्थान के पद होंगे वापस
सरकारी शोध संस्थान के लिए सरकार ने कई पद भी स्वीकृत किए थे। लेकिन अब यह शोध संस्थान आजम खां के ट्रस्ट को दे दिया गया है, लिहाजा अब ये सभी पद वापस होंगे। यहां जो स्टाफ नियुक्त था उसे भी सरकार ने वापस ले लिया है। अब इनकी तैनाती विभाग में दूसरी जगह की जाएगी।
मामले पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ के सचिव एसपी सिंह का कहना है कि रामपुर का मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया है। 100 रुपये प्रतिवर्ष के लीज रेंट पर 30 वर्ष के लिए यह दिया गया है। इस पर मालिकाना हक प्रदेश सरकार का ही रहेगा। इससे पहले भी सरकार कई शिक्षण संस्थाओं को सरकारी जमीन न्यूनतम लीज रेंट पर दे चुकी है।