{"_id":"dc040097fad44a84b861e3fded577bd5","slug":"azam-khan-statement-for-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पिल्ला कहने वाले दुम दबाकर चले गए'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पिल्ला कहने वाले दुम दबाकर चले गए'
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Wed, 27 Nov 2013 08:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलेलाल पार्क में मंगलवार को आयोजित वाल्मीकि समाज की रैली में नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने खूब व्यंग्य बाण छोड़े।
विज्ञापन
भाजपा का नाम लिए बिना यहां तक कह डाला कि पिल्ला कहकर पुकारने वाले दुम दबाकर चले गए।
उन्होंने कहा कि सपा की आजमगढ़ व मैनपुरी की रैली ने भाजपा के पैर उखाड़ दिए हैं। कहते हैं कि अब जल्दी-जल्दी रैली नहीं करेंगे।
व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि आ गया दिमाग ठिकाने, जगा दिया सोते शेर को। शेर जागा तो पिल्ला कहकर पुकारने वाले दुम दबाकर चले गए। उन्होंने कहा कि ऐसा वार होगा कि सांप्रदायिकता का खात्मा हो जाएगा।
पढ़ें-टीईटी अभ्यर्थियों को नौकरियां जल्द: मुख्यमंत्री
विज्ञापन
आजम ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ गांवों में बसने वाले कुछ वहशी दरिंदों की निंदा की जानी चाहिए।
यह कोई बहादुरी नहीं कि गरीब की बेटी का हाथ पकड़ो, उनकी बस्तियां जला दो। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
आजम ने बसपा पर प्रहार करते हुए कहा कि संवेदनशील सरकारें हाथी नहीं बनवातीं, जिंदा रहते हुए अपनी प्रतिमाएं नहीं बनवातीं। संवेदनशील सरकारें गरीबों के लिए खजाना खाली कर देती हैं।
विज्ञापन
हमारी सरकार में ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी का कोई फर्क नहीं है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने भी यही कहा है कि हमारी-आपकी स्थिति दलितों से कमजोर है।
इसलिए कमजोर और उपेक्षितों को एक होना चाहिए। गरीब व कमजोर जब तक नहीं चेतेगा, तब तक उपेक्षा का शिकार होता रहेगा।
इस मौके पर पंचायती राज मंत्री बलराम यादव ने ग्राम पंचायतों में लगे कर्मियों की सेवा नियमावली बनाने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने का आश्वासन दिया।
राज्य सफाई आयोग के अध्यक्ष जुगल किशोर ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और मांगपत्र पढ़ा।