हमने यूनिवर्सिटी बनवाई है शराबखाना या नाचघर नहीं, करवा लें जांच: आजम खां
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सपा के फायरब्रांड नेता आजम खां ने जौहर विश्वविद्यालय की सीबीआई जांच के सवाल पर कहा, हमने बच्चों की अच्छी तालीम के लिए यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया है। कोई शराबखाना या नाचघर तो बनवाया नहीं। इसके बाद भी अगर सीएम योगी आदित्यनाथ को जांच करानी है तो करा लें, कुछ नहीं मिलेगा। आजम सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के बाद मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, हमने रामपुर में बच्चों के पढ़ने के लिए अच्छी जगह बनाई है। वहां गरीबों के बच्चे पढ़ेंगे। बच्चियों के स्कूल में 350 रुपये फीस है। मेरा घर तो गली के अंदर है।
उन्होंने कहा, योगी सरकार को अखिलेश सरकार की हर अच्छी चीज खराब लग रही है। अब साइकिल ट्रैक तोड़ने जा रहे हैं। इसे तोड़ देने से कोई साइकिल चलाना तो बंद नहीं कर देगा।
आजम ने क्रॉस वोटिंग को बताया घटिया काम
आजम खां ने क्रॉस वोटिंग को घटिया काम बताया। उम्मीद है कि कोई सपा विधायक ऐसा काम नहीं करेगा। आजम सोमवार को यहां राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के बाद मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
शिवपाल व मुलायम सिंह द्वारा एनडीए प्रत्याशी राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने पर बोले- यह उनका मामला है। मैं सपा के साथ हूं। नेताजी का आदेश मानेंगे या सपा का?
इस पर कहा, पार्टी का आदेश सर्वोपरि है। मीरा कुमार महिला हैं, उनकी साफ छवि है। जब तक हम अपने घर की महिला को सम्मान नहीं देंगे, देश की महिलाओं का सम्मान कैसे होगा?
...ताकि गलत काम का विरोध हो सके
विधानसभा में विस्फोटक मिलने पर उन्होंने कहा, ये विपक्ष की कुर्सी के नीचे मिला है। इसका जवाब वे देंगे जो सरकार चला रहे हैं। प्रदेश में योगी व केंद्र में मोदी की सरकार है।
यहां तो विस्फोटक भी विपक्ष के नेता की कुर्सी के नीचे ही रखा जाता है। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, उनका एक मकसद विपक्ष को खत्म करने का है। अरे, इतना विपक्ष तो बचा रहने दो कि तुम्हारे गलत काम का विरोध हो सके।
निर्दोषों को मारने वालों को अब भारत रत्न मिलेगा
गोमांस व गोवध के शक में कुछ लोगों के मारे जाने पर उन्होंने कटाक्ष किया कि इसमें गलत क्या है? निर्दोषों को मारने से बड़ा नेक काम क्या हो सकता है? ऐसा करने वालों को अब भारत रत्न मिलेगा।
कहा, 1947 में वादा किया गया था कि देश और संविधान की नजर में सब बराबर होंगे। इस पर पाकिस्तान जाते हुए मुसलमानों के कदम रुक गए थे। यह वादा पंडित नेहरू और सरदार पटेल ने किया था। मुसलमान तो जा रहे थे, उन्हें रोका क्यों गया? उन्हें नहीं मालूम था कि उनके साथ ऐसा होगा।