वकील के रिवॉल्वर लहराने पर आजम खां भड़के
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राजधानी में बुधवार को वकीलों द्वारा किए गए बवाल का मुद्दा बृहस्पतिवार को विधानसभा में गूंजा। बसपा, भाजपा व कांग्रेस के सदस्यों ने यह मामला उठाते हुए कहा कि अराजकता का माहौल पैदा हो गया है।
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि जो अदालत में कानून की दुहाई देते हैं, उनका यह आचरण गंभीर मामला है और पढ़े-लिखे समाज का सिर झुकाने के लिए काफी है। पूरे सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए।
जो खुद को कानून का रखवाला बताते हों और सड़क पर सरेआम हाथ में रिवॉल्वर लेकर लहराते हों, उन पर सरकार कौन-सा बल प्रयोग करती? सरकार ने जिस तरह संयम से काम लेकर स्थिति को संभाला, उसकी तारीफ की जानी चाहिए।
बसपा, कांग्रेस व भाजपा ने भी की कड़ी निंदा
सुबह प्रश्न प्रहर शुरू होते ही बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य, कांग्रेस के प्रदीप माथुर तथा भाजपा के सुरेश खन्ना ने वकीलों के बवाल व पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया।
मौर्य का कहना था कि जब विधानमंडल सत्र चल रहा हो तो इस तरह की घटना शर्मनाक है। अराजकता का माहौल बन गया था। बच्चे, महिलाएं, आम आदमी सभी प्रभावित हुए। अध्यक्ष को इस पर व्यवस्था देते हुए सरकार को निर्देश देना चाहिए।
कांग्रेस के सदस्य वेल में आ गए जबकि भाजपा के सुरेश खन्ना ने अपनी पार्टी के एक नेता के भाई की हत्या के साथ-साथ वकीलों के बवाल का मामला उठाते हुए पूछा कि प्रदेश में ये हो क्या रहा है?
अध्यक्ष ने यह कहते हुए कोई व्यवस्था नहीं दी कि सदस्य इस मामले को नियमों के तहत उठाते तो चर्चा हो जाती।