राजनीति बड़ी बदनसीबी, खूब गालियां सुननी पड़ती हैः आजम खां
- अभिव्यक्ति की आजादी कहकर जलील करते हैं लोग
- नौटंकी ‘पंच परमेश्वर’ की प्रस्तुति से पहले विचार किए व्यक्त
- राजनीति बड़ी बदनसीबी है। कोई लज्जते जिंदगी नहीं है।
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नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि लोकतंत्र से अच्छा कोई तंत्र नहीं है, लेकिन आज इसका इस्तेमाल शायद कुछ गलत ढंग से हो रहा है।
अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल इस तरह से हो रहा है कि किसी को कितना जलील कर सकते हैं, कितना नीचा दिखा सकते हैं, कितना अपमानित कर सकते हैं।
आजम शनिवार शाम उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से गाडगे प्रेक्षागृह में नौटंकी ‘पंच परमेश्वर’ की प्रस्तुति से पहले विचार व्यक्त कर रहे थे।
जिसकी हिम्मत होती है सामने गाली देता वरना पीछे से
उन्होंने कहा कि राजनीति बड़ी बदनसीबी है। कोई लज्जते जिंदगी नहीं है। लोगों का बुरा-भला सुनते हैं, ज्यादा नाराज होता है तो गाली देता है, हिम्मत होती है तो सामने देता है, वरना पीछे तो बख्शता नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश में अगर फासिज्म बहुत मजबूत हो जाएगा तो वह किसी की नहीं सुनेगा। हमसे रोज कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ। ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है कि हम एक-दूसरे के दुख-दर्द को साझा करें, अफवाह पर ध्यान न दें।