हरियाणा में जाटों के साथ अन्याय हुआ : आजम
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संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि हरियाणा में जाटों के साथ अन्याय हुआ है। भाजपा सरकार जाटों पर फौज से गोलियां चलवाकर देश को सीरिया और बगदाद बनाना चाहती है। भाजपा को जाटों से किया गया आरक्षण का वादा पूरा करना चाहिए।
विधानसभा में बसपा के गजेंद्र सिंह ने जाट आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश के कई राज्यों में जाट आरक्षण की मांग उठ रही है। हरियाणा में बड़ा आंदोलन हुआ है।
बसपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने जाटों को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण देने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र को भेजा था। प्रदेश सरकार को भी विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में प्रस्ताव जा चुका है, इसलिए अलग से प्रस्ताव भेजने की जरूरत नहीं है। पिछली केंद्र सरकार ने जाटों को अन्य पिछड़े वर्ग में शामिल किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है।
क्या नेता को कमिटमेंट पूरा नहीं करना चाहिए?
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि हरियाणा के जाट भाइयों के साथ अन्याय हुआ है। उन्हें आरक्षण देने का वादा किया गया था। भाजपा को नैतिकता के नाते राजनीतिक कमिटमेंट पूरा करना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट सबसे ऊपर है लेकिन उससे भी ऊपर देश की संसद है। यदि संसद चाहे तो आरक्षण पर नया कानून ला सकती है।
भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने आजम खां से कथन पर एतराज करते हुए अध्यक्ष से आग्रह किया कि जिन बातों का मूल विषय से संबंध नहीं है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए।
इस पर आजम ने कहा, मैंने वादा पूरा करने को कहा, इसमें क्या आपत्तिजनक है, क्या नेता को कमिटमेंट पूरा नहीं करना चाहिए? मैंने संसद के सर्वोच्च होने की बात कही है। इसमें कोई एतराज हो तो मैं माफी मांगने को तैयार हूं।
ऐसी मांग जिसके लिए चुनाव में वादा किया गया हो, उसे पूरा करने की बात कहां गलत है? फिर भी मैंने केंद्र सरकार के खिलाफ कुछ गलत कहा है तो माफी मांगता हूं।