बिहार को दिए पैकेज पर आजम ने कसा तीखा व्यंग्य
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बकाया गन्ना मूल्य व बिजली को लेकर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के मामले पर भाजपा व सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बिजली कटौती को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सिंचाई के लिए ग्रामीण इलाकों में जरूरत भर बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं, आजम ने भी मौका देख कटाक्ष किया।
गन्ना मूल्य भुगतान और बिजली के मसले पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट बसपा के सदस्यों ने दो बार सदन से बहिर्गमन किया।
प्रश्न प्रहर में भाजपा के लोकेंद्र सिंह व करतार सिंह भडाना, सपा के रविदास मेहरोत्रा व कांग्रेस के नदीम जावेद के सवाल के जवाब में राज्यमंत्री रामकरन आर्य ने बताया कि निजी व सहकारी चीनी मिलों पर कुल 7,529.35 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
अनुपूरक सवालों के जरिये सदस्यों ने बकाया भुगतान न होने की वजह से किसानों की बदहाली का मामला उठाते हुए जानना चाहा कि कब तक भुगतान करा दिया जाएगा? राज्यमंत्री ने कहा कि 63.53 फीसदी भुगतान करा दिया गया है। जल्द भुगतान का प्रयास किया जा रहा है। बकाया भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों पर कार्रवाई भी की गई है। एक मिल मालिक जेल में है जबकि 38 चीनी मिलों के खिलाफ 71 एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सरकार भुगतान की समय सीमा तय नहीं कर सकती। कांग्रेस के नदीम जावेद ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मिलें भुगतान नहीं कर रही हैं। क्या सरकार ऐसी कोई स्थायी नीति बनाएगी जिससे किसानों को समयबद्ध भुगतान हो सके? आर्य ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने मिलों पर सख्ती करने के साथ-साथ उन्हें सहूलियतें भी दी हैं। जो मिलें भुगतान नहीं कर रही हैं, उन पर ब्याज सहित भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है।
भाजपाइयों का दावा केंद्र ने दिए छह हजार करोड़
भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार ने बकाया भुगतान के लिए 6000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। सरकार शर्तों को पूरा नहीं कर रही है जिससे पैसा नहीं मिल पा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र में भी सरकार ने गन्ना मूल्य बकाये के यही आंकड़े बताए थे।
इससे साफ है कि सरकार बजट सत्र के बाद एक भी भुगतान नहीं करा पाई है। सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए बसपा ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
बिजली पर भी घिरी सरकार
बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह, भाजपा के सुरेश राणा, सतीश महाना, धर्मपाल सिंह, डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल तथा सपा के रविदास मेहरोत्रा के एक सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने प्रदेश में घोषित रोस्टर के अनुसार आपूर्ति का दावा किया।
सदस्यों ने इसे गलत बताते हुए कहा कि बीते साढ़े तीन साल में बिजली दरें तो 50 फीसदी बढ़ गई हैं जबकि आपूर्ति घट गई है।
डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन में 24 घंटे आपूर्ति के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 15-16 घंटे कटौती हो रही है। बाकी इलाकों में भी बमुश्किल चार-पांच घंटे आपूर्ति हो रही है। सभी सदस्यों ने भारी बिजली कटौती के चलते किसानों को सिंचाई में आ रही मुश्किलों का मुद्दा उठाया।
जवाब में यासर शाह रोस्टर के अनुसार आपूर्ति किए जाने तथा अगले साल से गांवों व शहरों को 16 से 22 घंटे बिजली का वादा पूरा करने की रट लगाए रहे। नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर सरकार का दावा सही होता तो सत्ता पक्ष के रविदास मेहरोत्रा को सवाल न पूछना पड़ता। उन्होंने सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए पार्टी के सदस्यों के साथ सदन से बहिर्गमन किया।
6000 करोड़ कहां मिला, बताएं : अखिलेश
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के सवाल पर बहस के दौरान भाजपा के सुरेश खन्ना ने जब केंद्र से 6000 करोड़ रुपये की मदद का मामला उठाया तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हीं से सवाल पूछ लिया कि यह पैसा कहां और किसको मिला, बताएं। इस पर खन्ना बोले, उनके कहने का आशय था कि शर्त पूरी करते तो मिलता।
मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि 6000 करोड़ किसे दे रहे, यह पता कर लें। यह पैसा गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। खन्ना से पूछा कि ओलावृष्टि और किसानों की मृत्यु हुई तो केंद्र ने क्या सहयोग किया? राज्य सरकार ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 3500 करोड़ रुपये की मदद कर चुकी है। बताएं कि केंद्र ने कितनी मदद की?
शोर-शराबे के बीच खन्ना ने कहा कि पिछले साल केंद्र ने गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 5000 करोड़ दिया था। सूखा राहत के लिए 777 करोड़ दिया। 250 करोड़ ओलावृष्टि के बाद दिया। राज्य सरकार ने 10 अप्रैल के बाद पैसा मांगा। सरकार शर्तें पूरी करे, केंद्र 6000 करोड़ देगा।
कुछ दिन बाद भारतीय घोषणा पार्टी हो जाएगी भाजपा
केंद्र द्वारा 6000 करोड़ रुपये देने के सुरेश खन्ना के दावे पर कटाक्ष करते हुए संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने कहा कि कुछ दिन बाद भाजपा भारतीय घोषणा पार्टी हो जाएगी। हर व्यक्ति को 20 लाख रुपये का वादा किया था, नहीं दिया। बिहार को सवा लाख करोड़ का पैकेज देने की घोषणा की है। इसमें आधा पैसा वह है, जो पिछली सरकार दे चुकी है।
आपके अध्यक्ष ने जो किया, हम नहीं करेंगे
सदन में शोर-शराबा होते देख सुरेश खन्ना ने जब वेल की तरफ कदम बढ़ाया तो अध्यक्ष ने उनसे कहा कि आपके अध्यक्ष ने दिल्ली में वेल में आने पर क्या किया? लेकिन हम नहीं करेंगे वह सब।
रालोद सदस्य वेल में बैठे
गन्ना मूल्य भुगतान पर सवाल पूछने का मौका न मिलने पर रालोद के सदस्य वेल में आ गए। कांग्रेस के पंकज मलिक भी वेल में आकर हंगामा करने लगे। रालोद के दलबीर सिंह व अन्य सदस्यों का कहना था कि उन्हें भी बोलने का मौका दिया जाए। करीब पांच मिनट तक वेल में बैठने के बाद वे अपनी सीट पर गए।
आलोक शाक्य, ऐ चंदौली चलो अपनी सीट पर
सदन में मुख्यमंत्री की सीट के पास सदस्यों के जमावड़े पर अध्यक्ष बार-बार चेतावनी देते रहे, लेकिन कोई असर नहीं दिखा। पहले अध्यक्ष ने आलोक शाक्य का नाम लेकर, फिर चंदौली के विधायक का नाम याद नहीं आया तो चंदौली बोलते हुए अपनी सीट पर जाने को कहा।
इसके तुरंत बाद कांग्रेस के संजय कपूर व एक अन्य सदस्य अर्जी थमाने पहुंच गए। नाराज अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे नहीं रुकेगा। बंद ही करा दूंगा रास्ता।