'खुद को राजनीति का खुदा न समझे आयोग'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवादास्पद भाषण देने के कारण सपा के वरिष्ठ मंत्री आजम खां पर आयोग ने चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी गलती नहीं मानी।
आजम ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कारगिल युद्घ में जीत का श्रेय सिर्फ मुस्लिम सैनिकों को दिया था, जिस पर आपत्ति के बाद आयोग ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आजम ने अपने बयान के लिए अभी तक माफी नहीं मांगी है, उल्टे ही आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'मुझे अब तक नहीं पता कि मेरी खता क्या है?'
माफी मांगने से हट सकता है प्रतिबंध
माफी न मांगने के कारण आजम पर लगा प्रतिबंध हट नहीं रहा है, जबकि ऐसे ही विवादास्पद बयान के आरोपी अमित शाह पर लगा प्रतिबंध आयोग ने हटा दिया था।
शाह ने एक सभा में मुलायम का नाम एक समुदाय से जोड़ते हुए कहा था कि केंद्र में भाजपा सरकार आते ही प्रदेश में मुलायम की सरकार गिर जाएगी।
शाह ने प्रतिबंध की घोषणा होने के बाद माफी मांग ली, जिससे उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया, वहीं आजम ने अपने बयान के लिए कभी माफी नहीं मांगी।
आयोग खुदा नहीं
आजम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव आयोग खुद को राजनीति का खुदा समझता है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। हम किसी से दया की मांग नहीं कर रहे हैं।
गौरतलब है कि आजम खां ने पहले भी कई बार आयोग के खिलाफ बयानबाजी की है। जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने सपा और आजम की निंदा की।