आजम बोले, 'कन्हैया को बचा लीजिए, कंस को पहचान लीजिए'
अब तो कन्हैया भी खतरे में हैं। कन्हैया को बचा लीजिए, कंस को पहचान लीजिए।
ये जुबान काटकर, कान फोड़कर गूंगा-बहरा बनाना चाहते हैं।
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संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने शनिवार को एक बार फिर बिना नाम लिए भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब तो कन्हैया भी खतरे में हैं। कन्हैया को बचा लीजिए, कंस को पहचान लीजिए।
आजम यहीं नहीं रुके। कहा, ये जुबान काटकर, कान फोड़कर गूंगा-बहरा बनाना चाहते हैं। विचारधारा के विपरीत चलने वाले हर पौधे को वह काटना चाहते हैं।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के पंकज मलिक, अखिलेश प्रताप सिंह व अन्य सदस्यों ने बदायूं में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष द्वारा जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जुबान काटकर लाने वालों को ईनाम देने व सम्मान करने का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश में दंगा कराना चाहती है। सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा सदस्यों ने यह कहते हुए बचाव की कोशिश की कि मामला उठाने वालों को सही जानकारी नहीं है। कांग्रेससदस्य इस मामले पर काफी देर तक हंगामा करते रहे।
'जुबान तभी बाहर आएगी जब मुंह खोलेंगे'
आजम ने कहा, इन बातों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ लोगों के पास कोई काम नहीं है। विकास का कोई एजेंडा नहीं है। बात हमसे शुरू हुई थी। पहले मोहम्मद अली और अब कन्हैया खतरे में हैं। इतनी सी बात है कि कन्हैया को बचा लीजिए, कंस को पहचान लीजिए। जुबान बचाकर रखो। जुबान तभी बाहर आएगी जब मुंह खोलेंगे।
देखेंगे कि इस मामले में कौन सी दफा लग सकती है। वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने ही सजा पर रोक लगा रखी है फिर भी देखेंगे कि क्या हो सकता है। इसके बाद शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) को लेकर भाजपा की ओर से लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर सरकार के जवाब के बाद जब भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया तो आजम ने फिर भाजपा पर हमला बोल दिया।
कहा कि एक खास विचारधारा के स्कूलों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। अखबारों में खबर बनाने के लिए वॉकआउट कर रहे हैं।
जो इनकी विचारधारा न माने उसकी जुबान काटकर, कान फोड़कर गूंगा-बहरा बना देंगे। अब तो बात कन्हैया तक आ गई है। अपनी विचारधारा के खिलाफ चलने वाले हर किसी को कुचल देना चाहते हैं।