आजम ने भाजपाइयों से पूछा, और कितना लहू चाहिए?
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प्रदेश में पिछले दिनों हुए सांप्रदायिक तनावों पर सोमवार को विधानसभा में भाजपा और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने बिना नाम लिए भाजपा की जमकर खिंचाई की।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता की बुनियाद पर एक लक्ष्य तो हासिल कर लिया गया। अगले लक्ष्य के लिए किसको कितने लहू की जरूरत है?
आजम ने कहा कि सदन में इस पर बहस न हो तो ही ठीक है। आज प्रदेश में माहौल काबू में हैं और काबू में रहना चाहिए।
दूसरी तरफ भाजपा ने सरकार पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते फरवरी में ही 20 घटनाएं हुई हैं।
नौ दिन में 15 सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं
भाजपा सदस्यों ने यह कहते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि सरकार इन घटनाओं को लेकर संवेदनशील नहीं है। भाजपा के सतीश महाना के एक सवाल के जवाब में आजम ने बताया कि अप्रैल 13 से 24 अप्रैल 14 तक प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव की 15 घटनाएं हुईं।
साथ ही उन्होंने 5 अक्तूबर 2013 के शासनादेश का हवाला देते हुए सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी।
महाना ने कहा कि सरकार ने पिछले साल दिसंबर में 13 घटनाओं तथा फरवरी 14 में चार घटनाओं के होने की जानकारी दी थी। इस बार 15 घटनाएं बताई गई हैं। छह माह के भीतर एक ही सवाल के तीन अलग-अलग उत्तर आए हैं।
शासनादेश के बाद भी दंगों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। सरकार को बताना चाहिए कि दंगाइयों पर क्या कार्रवाई की गई?
यूपी पर सांप्रदायिकता के बादल छाए हैं
यूपी पर छाए सांप्रदायिकता के बादल
आजम ने कहा कि यूपी पर सांप्रदायिकता के बादल छाए हैं। आदमी नीचे गिर गया है। माहौल खराब करने वाले क्या हासिल करना चाहते हैं? कुछ समय पहले देश में जो माहौल बना
उसका फायदा किसे हुआ? मुजफ्फरनगर का दंगा शर्मनाक था। इंसानियत को शर्मशार करने वाला था। अब माहौल काबू में है और काबू में रहना चाहिए। हम सदन में बहस करके माहौल खराब करना नहीं चाहते।
ऐसा कोई यंत्र नहीं जो पता लगा सके कब कहां दंगा होगा बसपा के लोकेश दीक्षित ने पूछा कि जब सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील जिलों को चिह्नित कर लिया गया है तो क्या वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे?
आजम ने कहा ऐसा कोई यंत्र नहीं है जिससे पता लगाया जा सके कि कब कहां दंगा होगा। खेत-खलिहानों व पगडंडियों पर इंसानियत के कै मरे लग सकते हैं ये कैमरे नहीं। उन्होंने कहा कि कांठ में एक केंद्रीय मंत्री माहौल बिगाड़ना चाहते थे लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी।