सीएम ने 1065 आयुष चिकित्साधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र, 142 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जिलों में स्थापित 142 योग और वेलनेस सेंटरों का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सेंटर हेल्थ टूरिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभी भले ही यह योग प्रशिक्षण दे रहे हों लेकिन भविष्य में यहां षट्कर्म जैसी विधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाना चहिए। मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों पर तैनात योग प्रशिक्षकों और सहायकों के कार्यों की सतत समीक्षा के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।
कोविड काल के अनुभवों ने पूरी दुनिया को प्राचीन भारतीय ऋधि परंपरा की देन इन चिकित्सा विधियों को वैश्विक स्वीकार्यता दी है। इस लिहाज से उतर प्रदेश को दुनिया के लिए नए हेल्थ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। हमारे ऋषियों ने नास्ति मूलं अनौषधं का सूत्र दिया है। इसका आशय है कि कोई भी मूल कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हों। जिन दादी के नुस्खों को पुरातन मान कर उपेक्षा की जाती थी, आज कोविड काल में वही काढ़ा, हींग, हल्दी, अदरक, काली मिर्च, तुलसी और गिलोय हमारे लिए जीवनदायिनी सिद्ध हुए। इस मौके पर आयुष मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी, अपर मुख्य सचिव प्रशांत त्रिवेदी, विशेष सचिव राजकमल यादव भी मौजूद थे।
घर बैठे परामर्श के लिए आयुष टेलीमेडिसिन
चिकित्सा धर्म को बनाएं
मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के क्रम में सोमवार को 1065 नए आयुष/होम्योपैथिक चिकित्सकों से वर्चुअल माध्यम से कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी नेचुरोपैथी चिकित्सा विधियों में अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना महज सरकारी डॉक्टर के पद पर चयनित होने तक सीमित नहीं है, इसे मिशन रूप में लेना होगा। सीएम आवास पर हुए कार्यक्रम में रायबरेली में तैनाती पाने वाली डॉ. श्रेया पांडेय व डॉ. वसीम, कुशीनगर के डॉ.ऋषभ कुमार, बाराबंकी की डॉ. पारुल वर्मा, सीतापुर के डॉ. रत्नेश कुमार, उन्नाव की डॉ. निहारिका गुप्ता, गोंडा की डॉ. तान्या, सुल्तानपुर के डॉ. आशीष गोयल, लखनऊ में तैनाती पाने वाली डॉ. बबिता कैन व डॉ. अदिति सोनकर को नियुक्ति पत्र दिया गया। शेष सभी जनप्रतिनिधियोंने नियुक्ति पत्र दिए।