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रामनवमी पर सूर्य तिलक: चार मिनट तक रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी सूर्य की किरणें, वैज्ञानिकों ने बनाया ये प्लान
Tue, 09 Apr 2024 01:56 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 09 Apr 2024 01:56 PM IST
सार
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर होने वाले सूर्य तिलक के लिए ट्रायल सफल हो गया है। 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे उपकरण के जरिये सूर्य की किरणें गर्भगृह में प्रवेश करेंगी।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रामनवमी के अवसर पर होने वाले रामलला के सूर्य तिलक का ट्रायल सफल हो गया है। अब यह तय हो गया है कि 17 अप्रैल को राम जन्मोत्सव के दिन दोपहर में ठीक 12:00 बजे राम लला का सूर्य अभिषेक किया जाएगा। मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि कुछ दिन पहले सूर्य तिलक के लिए वैज्ञानिकों ने उपकरण गर्भगृह के ठीक ऊपर तीसरी मंजिल पर लगाए थे।
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रविवार को मध्यान्ह आरती के बाद पहला ट्रायल हुआ तो किरणें रामलला के होठों पर पड़ीं फिर लेंस को दोबारा सेट कर सोमवार को ट्रायल हुआ तो किरणें मस्तक पर पड़ीं। इससे रामनवमी पर सूर्य तिलक का आयोजन अब तय माना जा रहा है।
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इस बार रामनवमी पर सूरज की किरणें राम मंदिर में विराजमान भगवान श्री रामलला का अभिषेक करेंगी। किरणें 17 अप्रैल को ठीक दोपहर 12 बजे मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगाए गए ऑटोमैकेनिकल सिस्टम के जरिए गर्भगृह तक आएंगी।
यहां किरणें दर्पण से परावर्तित होकर सीधे रामलला के मस्तक पर 4 मिनट तक 75 मिमी आकार के गोल तिलक के रूप में दिखेंगी। इस सूर्य तिलक को देश के दो वैज्ञानिक संस्थानों की मेहनत से साकार किया जा रहा है।