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अयोध्या: शरई तौर से जायज पैसों से होगा मस्जिद का निर्माण
Sun, 13 Sep 2020 03:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
मोहम्मद इरफान , लखनऊ
मोहम्मद इरफान , लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 13 Sep 2020 03:07 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मिली पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद का निर्माण शरई तौर पर जायज पैसों से किया जाएगा। बोर्ड की ओर से गठित ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन ने मस्जिद निर्माण में आर्थिक सहयोग की गाइडलाइन तय की है। मस्जिद के निर्माण में उन्हीं कारोबारियों से सहयोग लिया जाएगा, जिनकी आमदनी इस्लामिक शरियत के लिहाज से जायज होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मस्जिद, अस्पताल और इण्डो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेण्टर के निर्माण के लिए उ.प्र.सुन्नी वक्फ द्वारा गठित इण्डो-इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन ने मस्जिद निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिये गाइडलाइन तय कर दी है। ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन का कहना है। मस्जिद का निर्माण सिर्फ जायज पैसों से ही करवाया जा सकता है। मस्जिद के लिये सिर्फ पवित्र धन जमा किया जाएगा।
मस्जिद में ब्याज (इंटरेस्ट), शराब, जमाखोरी और देश के कानून के खिलाफ जाकर कमाया गया पैसा नही लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्याज, शराब कारोबार और जमाखोरी से कमाया गया पैसा इस्लामी शरीयत में हराम है। इसके अलावा देश के कानून के खिलाफ जाकर स्मगलिंग आदि से कमाया पैसा भी जायज नही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी किसान से आलू खरीद कर आमदनी बढ़ाने के लिए स्टोर करता है तो शरियत में ये आमदनी जायज नही है, हां अगर यही काम किसान खुद करता है तो इसकी मनाही नही है।
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मस्जिद और अस्पताल के अलग खोले है बैंक खाते
ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए अलग और अस्पताल, इण्डो-इस्लामिक रिसर्च सेण्टर, कम्यूनिटी किचन के दो निजी बैंक में अलग खाते खोले है। ट्रस्ट के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि धन्नीपुर में होने वाले 5 एकड़ जमीन पर निर्माण के लिए दो बैंक खाते खोले है। आईसीआईसीआई बैंक की लखनऊ के हेवेट रोड स्थित ब्रांच में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के नाम से खाता खोला गया है, जिसकी संख्या 696105600633 है।
वहीं लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एच डी एफसी की विभूतिखंड ब्रांच में दूसरा खाता खोला गया है, जिसकी संख्या 50200051385575 है। अतहर हुसैन ने बताया कि दो बैंक अकाउंट खोलने का मकसद मस्जिद निर्माण के लिए अलग धन और अस्पताल, लाइब्रेरी, कम्यूनिटी किचन के साथ रीसर्च सेंटर के लिए अलग धन जमा करना है।
पोर्टल बनने के बाद तय होंगे अकाउंट
उन्होंने बताया कि जल्द ही ट्रस्ट की वेबसाइट और पोर्टल तैयार होगा। इसके बाद तय हीग की किस अकाउंट में मस्जिद और किसमे अस्पताल के लिए सहयोग लेना है। उन्होंने बताया कि बैंक खाते पोर्टल से लिंक किये जायेंगे। इसके बाद जनता से सहयोग मंगा जाएगा
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मस्जिद, अस्पताल और इण्डो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेण्टर के निर्माण के लिए उ.प्र.सुन्नी वक्फ द्वारा गठित इण्डो-इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन ने मस्जिद निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिये गाइडलाइन तय कर दी है। ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन का कहना है। मस्जिद का निर्माण सिर्फ जायज पैसों से ही करवाया जा सकता है। मस्जिद के लिये सिर्फ पवित्र धन जमा किया जाएगा।
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मस्जिद में ब्याज (इंटरेस्ट), शराब, जमाखोरी और देश के कानून के खिलाफ जाकर कमाया गया पैसा नही लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्याज, शराब कारोबार और जमाखोरी से कमाया गया पैसा इस्लामी शरीयत में हराम है। इसके अलावा देश के कानून के खिलाफ जाकर स्मगलिंग आदि से कमाया पैसा भी जायज नही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी किसान से आलू खरीद कर आमदनी बढ़ाने के लिए स्टोर करता है तो शरियत में ये आमदनी जायज नही है, हां अगर यही काम किसान खुद करता है तो इसकी मनाही नही है।
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मस्जिद और अस्पताल के अलग खोले है बैंक खाते
ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए अलग और अस्पताल, इण्डो-इस्लामिक रिसर्च सेण्टर, कम्यूनिटी किचन के दो निजी बैंक में अलग खाते खोले है। ट्रस्ट के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि धन्नीपुर में होने वाले 5 एकड़ जमीन पर निर्माण के लिए दो बैंक खाते खोले है। आईसीआईसीआई बैंक की लखनऊ के हेवेट रोड स्थित ब्रांच में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के नाम से खाता खोला गया है, जिसकी संख्या 696105600633 है।
वहीं लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एच डी एफसी की विभूतिखंड ब्रांच में दूसरा खाता खोला गया है, जिसकी संख्या 50200051385575 है। अतहर हुसैन ने बताया कि दो बैंक अकाउंट खोलने का मकसद मस्जिद निर्माण के लिए अलग धन और अस्पताल, लाइब्रेरी, कम्यूनिटी किचन के साथ रीसर्च सेंटर के लिए अलग धन जमा करना है।
पोर्टल बनने के बाद तय होंगे अकाउंट
उन्होंने बताया कि जल्द ही ट्रस्ट की वेबसाइट और पोर्टल तैयार होगा। इसके बाद तय हीग की किस अकाउंट में मस्जिद और किसमे अस्पताल के लिए सहयोग लेना है। उन्होंने बताया कि बैंक खाते पोर्टल से लिंक किये जायेंगे। इसके बाद जनता से सहयोग मंगा जाएगा