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अयोध्या: अब तक नहीं रखी जा सकी मस्जिद की नींव, पहला नक्शा हो गया था पास, पैसे ना होने से नहीं हो सका निर्माण
Fri, 13 Oct 2023 07:05 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 13 Oct 2023 07:05 PM IST
सार
प्रथम तल अगले कुछ महीने में तैयार हो जाएगा। इधर, मस्जिद का नक्शा भी अभी तक पास नहीं हो सका है। पुराने मॉडल पर जो मस्जिद बननी थी, उसका नक्शा विकास प्राधिकरण में स्वीकृत हो चुका है।
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अयोध्या मजिस्द
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राममंदिर निर्माण का सपना अब साकार होने को है। 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है, लेकिन धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद की नींव अब तक नहीं पड़ सकी है। मस्जिद ट्रस्ट के अनुसार, अभी मस्जिद निर्माण शुरू होने में कम से कम छह माह और लग जाएंगे। वजह यह है कि मस्जिद की पुरानी डिजाइन में बदलाव कर दिया गया है। ऐसे में ट्रस्ट अब नए सिरे से नक्शा पास कराने के लिए आवेदन करेगा। एक एकड़ में मस्जिद का निर्माण होगा। शेष चार एकड़ में अस्पताल और लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
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मस्जिद निर्माण ना हो पाने की दूसरी वजह धन की कमी है। मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी कहते हैं कि धन के अभाव में मस्जिद निर्माण में देरी हुई है। समाज की मांग पर मस्जिद की डिजाइन व नाम में बदलाव किया गया है। उम्मीद है कि अब मस्जिद के लिए धन की कमी नहीं होगी, लोग खुलकर दान देंगे। छह महीने में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की है। उधर, मंदिर निर्माण का काम पांच फरवरी 2020 को ही शुरू कर दिया गया था। तीन साल में मंदिर निर्माण का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तीन मंजिला मंदिर का भूतल तैयार है। प्रथम तल अगले कुछ महीने में तैयार हो जाएगा। इधर, मस्जिद का नक्शा भी अभी तक पास नहीं हो सका है। पुराने मॉडल पर जो मस्जिद बननी थी, उसका नक्शा विकास प्राधिकरण में स्वीकृत हो चुका है। मस्जिद ट्रस्ट को डेवलपमेंट चार्ज देना था, लेकिन धन के अभाव में अब तक विकास शुल्क मस्जिद ट्रस्ट प्राधिकरण को नहीं दे सका। इस बीच मुंबई में हुई एक बैठक में अचानक मस्जिद के नाम व डिजाइन में परिवर्तन का निर्णय लिया गया है।
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जल्द बन जाएगी मस्जिद की नई डिजाइन
धन्नीपुर की जमीन पर अब मस्जिद ट्रस्ट मुहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद का निर्माण करेगा। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन मस्जिद ट्रस्ट ने मस्जिद के नाम के साथ ही इसका डिजाइन भी बदल दिया है। मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने अमर उजाला को बताया कि समाज की मांग पर मस्जिद की डिजाइन व नाम में बदलाव किया गया है। परिवर्तन के बाद अब तय हुआ है कि इसे मुहम्मद साहब के नाम पर बड़ी मस्जिद का रूप दिया जाए। मस्जिद का निर्माण समाज के चंदे से किया जाएगा। जल्द ही नया नक्शा पास कराकर काम तेज करेंगे। अगले कुछ दिनों में मस्जिद की नई डिजाइन फाइनल हो जाएगी।
एक एकड़ और जमीन खरीदने की योजना
अयोध्या मजिस्द
- फोटो : अमर उजाला
मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने बताया कि अभी पांच एकड़ में ही निर्माण करेंगे। उम्मीद है कि एक एकड़ में मस्जिद का निर्माण हो जाएगा। शेष चार एकड़ में शिक्षा केंद्र, सामुदायिक रसोई आदि का निर्माण किया जाएगा। एक कैंसर अस्पताल भी बनाने की योजना है, जहां हर वर्ग के लोगों का नि:शुल्क इलाज हो सके। फारूकी के अनुसार मस्जिद निर्माण के लिए हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है। यहां तक हिंदू समाज भी सहयोग दे रहा है।
नई मस्जिद में ये होगा खास
-अब मस्जिद में गुंबदों का भी होगा निर्माण
-पांच हजार पुरुष व पांच हजार महिलाएं एक साथ पढ़ सकेंगे नमाज
- कैंसर अस्पताल, संग्रहालय, लाइब्रेरी, सामुदायिक किचन बनेगा
- रिसर्च सेंटर, शैक्षिक व सामाजिक सुविधाएं भी होंगी
धन की कमी से हुई देरी
धन के अभाव में मस्जिद निर्माण में देरी हुई है। समाज की मांग पर मस्जिद की डिजाइन व नाम में बदलाव किया गया है। उम्मीद है कि अब मस्जिद के लिए धन की कमी नहीं होगी, लोग खुलकर दान देंगे। छह महीने में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।-जुफर अहमद फारूकी, अध्यक्ष मस्जिद ट्रस्ट
नई मस्जिद में ये होगा खास
-अब मस्जिद में गुंबदों का भी होगा निर्माण
-पांच हजार पुरुष व पांच हजार महिलाएं एक साथ पढ़ सकेंगे नमाज
- कैंसर अस्पताल, संग्रहालय, लाइब्रेरी, सामुदायिक किचन बनेगा
- रिसर्च सेंटर, शैक्षिक व सामाजिक सुविधाएं भी होंगी
धन की कमी से हुई देरी
धन के अभाव में मस्जिद निर्माण में देरी हुई है। समाज की मांग पर मस्जिद की डिजाइन व नाम में बदलाव किया गया है। उम्मीद है कि अब मस्जिद के लिए धन की कमी नहीं होगी, लोग खुलकर दान देंगे। छह महीने में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।-जुफर अहमद फारूकी, अध्यक्ष मस्जिद ट्रस्ट