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अयोध्याः अभद्र टिप्पणी मामले में तपस्वी छावनी से परमहंस दास को किया निष्कासित
Sat, 16 Nov 2019 01:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 16 Nov 2019 01:36 PM IST
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महंत परमहंस दास
- फोटो : amar ujala
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महंत नृत्यगोपाल दास पर अभद्र टिप्पणी करना तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास को महंगा पड़ गया। शनिवार को उनके गुरु तपस्वी छावनी के महंत सर्वेश्वर दास ने परमहंस दास को तपस्वी छावनी से निष्कासित कर दिया।
उन्होंने अयोध्या के सभी संत-महंतों से भी परमहंस का बहिष्कार करने व अपने समस्त शिष्यों एवं भक्त मंडली से भी उन्हें संरक्षण न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महंत नृत्यगोपाल दास जी हमारे गुरु स्वरूप हैं। परमहंस दास ने उन पर अभद्र टिप्पणी की है। गुरु पर कोई कैसे टिप्पणी कर सकता है।
एक निजी चैनल के डिबेट कार्यक्रम में महंत परमहंस दास ने नृत्यगोपाल दास पर अभद्र टिप्पणी की थी। इससे आक्रोशित महंत नृत्यगोपाल दास के समर्थक संतों, शिष्यों व भक्तों ने महंत परमहंस दास के आश्रम का दो दिन पूर्व घेराव किया था। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद परमहंस दास को किसी तरह से आश्रम से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।
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दूसरे दिन शुक्रवार को परमहंस ने एक वीडियो जारी कर महंत नृत्यगोपाल दास पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। जिसके बाद शनिवार को तपस्वी छावनी के महंत सर्वेश्वर दास ने पत्रकार वार्ता कर ऐलान किया कि परमहंस दास जिसका वास्तविक नाम उदयनारायण दास है, फर्जी रूप से अपने को महंत व जगतगुरु घोषित करता है।
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उन्होंने अयोध्या के सभी संत-महंतों से भी परमहंस का बहिष्कार करने व अपने समस्त शिष्यों एवं भक्त मंडली से भी उन्हें संरक्षण न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महंत नृत्यगोपाल दास जी हमारे गुरु स्वरूप हैं। परमहंस दास ने उन पर अभद्र टिप्पणी की है। गुरु पर कोई कैसे टिप्पणी कर सकता है।
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एक निजी चैनल के डिबेट कार्यक्रम में महंत परमहंस दास ने नृत्यगोपाल दास पर अभद्र टिप्पणी की थी। इससे आक्रोशित महंत नृत्यगोपाल दास के समर्थक संतों, शिष्यों व भक्तों ने महंत परमहंस दास के आश्रम का दो दिन पूर्व घेराव किया था। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद परमहंस दास को किसी तरह से आश्रम से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।
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दूसरे दिन शुक्रवार को परमहंस ने एक वीडियो जारी कर महंत नृत्यगोपाल दास पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। जिसके बाद शनिवार को तपस्वी छावनी के महंत सर्वेश्वर दास ने पत्रकार वार्ता कर ऐलान किया कि परमहंस दास जिसका वास्तविक नाम उदयनारायण दास है, फर्जी रूप से अपने को महंत व जगतगुरु घोषित करता है।
उन्होंने कभी भी लिखित रूप में उसे महंत घोषित नहीं किया है। बताया कि परमहंस को स्थान में रहकर सेवा करने का काम सौंपा गया था जिसको न निभाकर फर्जी रूप से वह जगतगुरु बनने का नाटक करने लगे।
उन्होंने अयोध्या की ऐतिहासिक सनातन परंपरा के गौरव को नष्ट करने का काम किया है। परमहंस ने हमारे गुरु स्वरूप महंत नृत्यगोपाल दास पर अनर्गल आरोप लगाया है। मैं उनका बहिष्कार करता हूं।
उन्होंने अयोध्या के सभी संतों व महंतों से निवेदन किया कि वे भी महंत परमहंस का बहिष्कार करें। साथ ही अपने समस्त शिष्य एवं भक्त मंडली को भी आदेशित किया है कि महंत परमहंस का बहिष्कार कर उन्हें संरक्षण न दें।
कहा कि जिला प्रशासन तपस्वी छावनी की सुरक्षा करे मुझे किसी से कोई भय नहीं है जो भी भय है वह इसी बनावटी परमहंसाचार्य से ही है। इस बाबत परमहंस दास का कहना है कि महाराज जी पर महंत नृत्यगोपाल दास द्वारा दबाव बनाकर मुझे निष्कासित कराया गया है। महंत जी ने जो भी किया है वह दबाव में किया है।
उन्होंने अयोध्या की ऐतिहासिक सनातन परंपरा के गौरव को नष्ट करने का काम किया है। परमहंस ने हमारे गुरु स्वरूप महंत नृत्यगोपाल दास पर अनर्गल आरोप लगाया है। मैं उनका बहिष्कार करता हूं।
उन्होंने अयोध्या के सभी संतों व महंतों से निवेदन किया कि वे भी महंत परमहंस का बहिष्कार करें। साथ ही अपने समस्त शिष्य एवं भक्त मंडली को भी आदेशित किया है कि महंत परमहंस का बहिष्कार कर उन्हें संरक्षण न दें।
कहा कि जिला प्रशासन तपस्वी छावनी की सुरक्षा करे मुझे किसी से कोई भय नहीं है जो भी भय है वह इसी बनावटी परमहंसाचार्य से ही है। इस बाबत परमहंस दास का कहना है कि महाराज जी पर महंत नृत्यगोपाल दास द्वारा दबाव बनाकर मुझे निष्कासित कराया गया है। महंत जी ने जो भी किया है वह दबाव में किया है।