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Ayodhya: राममंदिर निर्माण के इतिहास का तैयार होगा वैज्ञानिक दस्तावेज, एसोचैम जेम की अगुआई में होगा काम

Sun, 22 Jan 2023 09:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 22 Jan 2023 09:07 PM IST
सार

एसोचैम के इंटरनेेशनल सस्टेनेबिलिटी कांक्लेव एंड एक्सपो 2023 में एक तकनीकी सत्र के दौरान जेम की ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के चेयरमैन और देश के प्रमुख आर्किटेक्ट पंकज धरकर ने इसके लिए प्रस्ताव रखा।

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Ayodhya News Scientific document will be prepared for the history of Ram Mandir construction
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विस्तार

लंबे इंतजार के बाद पूरी भव्यता के साथ बन रहे अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण की हर बारीकी को कलमबंद कर वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार करने का काम भी होगा। यह कार्य देश के प्रमुख आर्किटेक्ट एसोचैम जेम की अगुआई में करेंगे। इस वैज्ञानिक दस्तावेज को तैयार होने के बाद भविष्य में जहां एक साक्ष्य उपलब्ध होगा वहीं इस प्रकृति के विशाल निर्माण के दौरान भी एक प्राथमिक दस्तावेज जरूरी संदर्भ के लिए मौजूद रहेगा।

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एसोचैम के इंटरनेेशनल सस्टेनेबिलिटी कांक्लेव एंड एक्सपो 2023 में एक तकनीकी सत्र के दौरान जेम की ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के चेयरमैन और देश के प्रमुख आर्किटेक्ट पंकज धरकर ने इसके लिए प्रस्ताव रखा। इस दौरान अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह और यूपी सरकार में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह भी मौजूद थे। पंकज धरकर ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक क्षण है। इस मंदिर परिसर का निर्माण भी पूरी भव्यता और खास आर्किटेक्चर के साथ हो रहा है। 
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ऐसे में जरूरी है कि निर्माण के दौरान की हर छोटी गतिविधि और प्रक्रिया का वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार हो जोकि आर्किटेक्चर और इंजीनियिरिंग के संदर्भ से भी प्रमुख संदर्भ बने। हमें समझना होगा कि आने वाली पीढ़ी के लिए यह दस्तावेज एक महान इतिहास की तरह होगा। इसके लिए विशेषज्ञों का एक पैनल बने। यह विशेषज्ञों का पैनल ही इस दस्तावेज को तैयार कराए।
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इस प्रस्ताव को अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह ने उसी समय अपनी सहमति दे दी। उनका कहना है कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ कारीडोर बनने के समय भी सहभागिता करने का मौका मिला। कारीडोर के तैयार होने के बाद मुझे व्यक्तिगत रूप से लगा कि इसके पूरे निर्माण के दौरान हर चरण का दस्तावेज बनना चाहिए था। इसमें निर्माण की प्रकृति, इसकी विशालता, आर्किटेक्चर को शामिल किया जाता। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में अगर ऐसा होता है तो इससे श्रेष्ठ कुछ नहीं हो सकता है। आर्किटेक्ट इसके लिए आगे आएं। सभी जरूरी सहूलियत और जानकारी ससमय उनको उपलब्ध करा दी जाएंगीं।

2024 के जनवरी में शुरू हो जाएंगे दर्शन
विशाल सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 तक मंदिर के गर्भगृह का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन शुरू करा दिए जाएंगे। इसके बाद नक्काशी और साजसज्जा का काम चालू रहेगा। यह सालों चलने वाली प्रक्रिया है जोकि चलती रहेगी।


एसोचैम जेम यूपी के प्रेसिडेंट व आर्किटेक्ट अनुपम मित्तल ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हमारी टीम सहयोगी बनने को तैयार है। रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या जाएगा। वहां किस तरह से काम करना है? इसको लेकर भी स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से बातचीत होगी। जल्दी ही इस काम को शुरू करा दिया जाएगा।

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